शनिवार को खेले गए एक अहम मुकाबले में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स टीम को सुपर ओवर की मदद से हराने के बाद विक्टोरिया की टीम वायंबा को हराकर सेमीफाइनल में जगह सुरक्षित करा सकती है।
इस लिहाज से डेविड हसी की इस टीम के लिए यह मुकाबला काफी अहम होगा। पहले मुकाबले में वारियर्स के हाथों मिली हार के बाद विक्टोरिया की टीम ने सुपर किंग्स और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स स्टैग्स के खिलाफ शानदार खेल का प्रदर्शन किया है।
दूसरी ओर, वायंबा की टीम सुपर किंग्स और वारियर्स के खिलाफ अपने दोनों मैच हार चुकी है। ऐसे में उसे विक्टोरिया को हराने के लिए खासी मशक्कत करनी होगी। माहेला जयवर्धने जैसे स्टार बल्लेबाज की नाकामी के कारण ग्रुप-ए में सबसे कमजोर दिख रही इस टीम को नए सिरे से अपनी रणनीति पर विचार करना होगा।
अब तक की तालिका को देखते हुए वायंबा का सेमीफाइनल में पहुंचना नामुमकिन दिख रहा है। ग्रुप-ए में वारियर्स टीम छह अंकों के साथ पहले स्थान पर है जबकि सुपर किंग्स के चार अंक हैं। नेट रन रेट के मामले में सुपर किंग्स टीम वारियर्स से बेहतर स्थिति में है।
ऐसे में अपना अगला मैच जीतकर वह सेमीफाइनल में पहुंच सकती है। उसका अगला मुकाबला बुधवार को वारियर्स से होना है। विक्टोरिया ने इस ग्रुप में चार अंक जुटाए हैं जबकि सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स की टीम और वायंबा ने अब तक खाता नहीं खोला है।
उठापटक से भरे मुकाबलों ने चैम्पियन्स लीग के दूसरे संस्करण को खास बना दिया है। वर्ष 2009 में भारत में आयोजित इसका पहला संस्करण खासा लोकप्रिय रहा था। पहले संस्करण में कुल 12 टीमों ने हिस्सा लिया था लेकिन इस बार कुल 10 टीमों के बीच श्रेष्ठता की जंग हो रही है।
चैम्पियन्स लीग के दूसरे संस्करण में न्यूजीलैंड से सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स स्टैग्स, भारत से चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और बेंगलोर रॉयल चैलेंजर्स, वेस्टइंडीज से गयाना, दक्षिण अफ्रीका से लायंस और वारियर्स, आस्ट्रेलिया से साउथ आस्ट्रेलिया और विक्टोरिया तथा श्रीलंका से वायंबा की टीमें हिस्सा ले रही हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।