FIFA World Cup 2018 team analysis: भावनाओं से लबरेज है पेरू की टीम, कप्तान की बैड ब्वॉय की है छवि

 Peru ride on emotions, captain Guerreros bad-boy image

नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप शुरू होने में बेहद कम समय बचा है। ऐसे में सभी टीमें अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर कर रही हैं। 14 जून से शुरू होने वाले इस महामुकाबले का फाइनल 15 जुलाई को रूस की राजधानी मॉस्को में खेला जाएगा। इस विश्वकप महामुकाबले में 32 टीमें हिस्सा लेंगी और उनके बीच 64 मुकाबले खेले जाएंगे। विश्वकप का आयोजन इस बार रूस कर रहा है, जिसके 11 शहरों में मैच खेले जाएंगे और फाइनल मुकाबला राजधानी मॉस्को के लुजनिकी स्टेडियम में खेला जाएगा। इस बार विश्वकप में 32 टीमों को 4-4 के आठ अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया। हर ग्रुप से चोटी की दो टीमें सीधे नॉकआउट स्टेज में जाएंगी। फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले 11 और 12 जुलाई को खेले जाएंगे।

देशः पेरू


ग्रुपः सी (डेनमार्क,ऑस्ट्रेलिया,पेरू,फ्रांस)
मुकाबलेः पहला मुकाबला 16 जून को डेनमार्क के साथ
दूसरा मुकाबला फ्रैंस के साथ 21 जून को
तीसरा मुकाबला 26 जून को ऑस्ट्रेलिया के साथ
फीफा रैंकिंगः 11
पिछला विश्वकपः ग्रुप स्टेज (1982)
बेस्ट प्रदर्शनः क्वाटर फाइनल 1978,1970
स्टार खिलाड़ीः जेफरसन फरफान (लोकोमोटिव मॉस्को के लिए विंगर), पाओलो ग्वेरेरो (फ्लैमेन्गो के लिए स्ट्राइकर), क्रिश्चियन क्यूवा (साओ पाउलो के लिए मिडफील्डर)
कोच: रिकार्डो गारेका

पेरू ने विश्व कप के अंतिम चरण तक पहुंचने के लिए 36 साल का इंतजार किया है और यह 1 9 86 विश्वकप क्वालिफाइंग के दौरान पेरू के खिलाफ स्कोर करने वाले अर्जेंटीना कोच रिकार्डो गारेका के पास जाता है। ह उनके लिए एक भावनात्मक टूर्नामेंट है सिर्फ इसलिए नहीं की वो लंबे समय के बाद टूर्नामेंट खेल रहे हैं बल्कि इस लिए भी की उनके कप्तान पाओलो ग्वेरेरो आखिरकार यह मुकाबला खेल रहे हैं।

कप्तान आते जाते रहे

पाओलो ग्वेरेरो उम्मीदों पर खरे उतरे जब उन्होंने 2017 मे अर्जेंटीना के लिए शानदार मुकाबला खेला था। इससे पहले उन्हें 12 महीने के लिए टीम से बैन भी किया गया था,हालांकि उसे घटा कर 6 महीने कर दिया गया जिसके कारण यह खिलाड़ी इस फीफा विश्वकप का हिस्सा बन सका है। वहीं सीएस की अदालत में वाडा ने कहा थी की इस बैन को 14 महीने के लिए बढ़ाया जाए लेकिन साथी खिलाड़ियों की मदद कारण उनके इस बैन को हटाया गया और उन्हें खेलने का मौका दिया गया।

ग्वेरेरो क्यों हैं महत्वपूर्णः कप्तान के अलावा भी यह खिलाड़ी इस टीम के लिए बहुत शानदार है वहीं इस स्ट्राइकर खिलाड़ी को इसके देश के लोग काफी सपोर्ट करते हैं क्योंकि कहीं न कही इस देश के लोग इस खिलाड़ी को इसका पहला या आखिरी वर्ल्ड कप खेलते हुए देख रहे हों। वहीं इस खिलाड़ी के साथ साथी खिलाड़ियों और देश का भावनात्मक कनेक्शन भी है।

पेरू के खिलाड़ी एक साथ एक पैटर्न बनाकर दूसरे खिलाड़ियों को रोकने की कोशिश करेंगे। इस टीम के अधिकतर खिलाड़ी साउथ अमेरिका के क्लबों के लिए खेलते हैं ऐसे में एक टीम में रहकर खेलना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी. ऐसे में जब उनकी टीम का पहला मुकाबला विश्वकप में 36 साल वापसी करने के बाद डेनमार्क की टीम के साथ होगा।

भविष्यवाणी

इस टीम ने फीफा विश्वकप में क्वालीफाई करने के लिए कड़ी मेहनत की है ऐसे में पूरी संभावना है की यह टीम डेनमार्क और ऑस्ट्रेलिया को हराकर नाकआउट राउंड में सेलेक्ट हो जाए लेकिन इस टीम के लिए वहां टिके रह पाना आसान नहीं होगा।

For Quick Alerts
Subscribe Now
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    Story first published: Sunday, June 10, 2018, 15:55 [IST]
    Other articles published on Jun 10, 2018
    भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
    + अधिक
    POLLS

    MyKhel से प्राप्त करें ब्रेकिंग न्यूज अलर्ट

    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Mykhel sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Mykhel website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more