वेबसाइट 'न्यूज ऑफ द वर्ल्ड' ने कापेलो के हवाले से लिखा है, "मैं उन प्रशंसकों से माफी मांगना चाहता हूं, जो विशेष चाहत लिए अपनी टीम की हौसलाअफजाई के लिए दक्षिण अफ्रीका पहुंचे थे। उन्हें टीम पर पूरा भरोसा था लेकिन हम उनकी अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं दे सके।"
एक से बढ़कर एक दिग्गज खिलाड़ियो से लैस इंग्लैंड टीम को विश्व कप के लिए ग्रुप-सी में रखा गया था लेकिन वह बड़ी मुश्किल से अंतिम-16 दौर में जगह बना सकी थी। अंतिम-16 दौर में जर्मनी के हाथों उसे 1-4 से करारी शिकस्त मिली थी।
कापेलो ने कहा कि वह यह मानकर चल रहे थे कि विश्व कप के बाद फुटबाल एसोसिएशन (एफए) उन्हें बर्खास्त कर देगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बकौल कापेलो, "मैंने यह मान लिया था कि मेरा पद हाथ से निकल गया है। साथ ही मेरे साथ से 60 लाख पाउंड का वार्षिक करार भी निकल गया है लेकिन न जाने क्यों एफए ने एक बार फिर मेरे ऊपर भरोसा कायम रखा"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।