मैच के चौथे दिन मंगलवार को श्रीलंका ने बांग्लादेश के सामने 624 रनों का विशाल लक्ष्य रखा लेकिन मेजबान टीम अपनी दूसरी पारी में 49.2 की बल्लेबाजी में 158 रनों पर सिमट गई। सकीबुल हसन (46) और मुश्फिकुर रहीम (43) ही थोड़े सफल हो सके। मेजबान टीम के छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके।
श्रीलंका ने अपनी पहली पारी में 384 रन बनाए थे बांग्लादेश की टीम पहली पारी में 208 रन बना सकी थी। श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी छह विकेट पर 447 रनों पर घोषित कर दी थी।
रन अंतर के लिहाज से टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी जीत का रिकार्ड इंग्लैंड के नाम है, जिसने 30 नवंबर, 1928 को ब्रिस्बेन में आस्ट्रेलिया को 675 रनों से पराजित किया था। दूसरी सबसे बड़ी जीत का रिकार्ड भी आस्ट्रेलिया के नाम दर्ज है, जिसने 1934 में ओवल में इंग्लैंड को 562 रनों से हराया था।
इसी तरह तीसरी सबसे बड़ी जीत भी आस्ट्रेलिया के ही नाम है, जिसने 1911 में मेलबर्न में दक्षिण अफ्रीका को 530 रनों से धूल चटाई थी। चौथी सबसे बड़ी जीत का रिकार्ड भी आस्ट्रेलिया के ही नाम दर्ज है। 16 दिसंबर, 2004 में पर्थ में खेले गए टेस्ट मैच में उसने पाकिस्तान को 491 रनों से पराजित किया था।
बहरहाल, चटगांव टेस्ट के दोनों पारियों में शतक लगाने के अलावा चार विकेट झटकने वाले दिलशान को 'मैन ऑफ द मैच' और 'मैन ऑफ द सीरीज' खिताब से नवाजा गया।
दिलशान ने पहली पारी में 162 और दूसरी पारी में 143 रनों की बेशकीमती पारी खेली। पहले टेस्ट की दूसरी पारी में भी उन्होंने 47 रन बनाए थे। श्रीलंका ने ढाका के करीब मीरपुर में खेला गया पहला टेस्ट मैच 107 रनों के अंतर से जीता था। इस तरह श्रीलंका ने दोनों मैचों की श्रंखला पर 2-0 से कब्जा कर लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।