दाम्बुला के रांगिरी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले के लिए भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी श्रीलंका पहुंच चुके हैं। टीम के सात सदस्य रविवार को ही श्रीलंका पहुंचे जबकि जिंबाब्वे में जारी ट्वेंटी-20 श्रृंखला खेलकर बाकी के खिलाड़ी भी सोमवार को यहां पहुंच चुके हैं।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने कप्तान महेंद्र सिंह धौनी सहित सात प्रमुख खिलाड़ियों को आराम देते हुए सुरेश रैना की कप्तानी में युवा टीम जिंबाब्वे भेजी थी लेकिन वह त्रिकोणीय श्रृंखला में खुद को साबित करने में नाकाम रही।
इस टीम के कुछ सदस्य ही अपनी प्रतिभा के साथ न्याय कर सके जबकि कई वरिष्ठ खिलाड़ियों ने निराश किया। इस कारण चयनकर्ताओं ने एशिया कप के लिए एक बार फिर वरिष्ठ खिलाड़ियों पर भरोसा जताया और धौनी को कप्तानी सौंप दी।
धौनी, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, जहीर खान, हरभजन सिंह, प्रवीण कुमार आशीष नेहरा और नए चेहरे के तौर पर सौरव तिवारी के रहते भारतीय टीम को कागजी तौर पर चिंता करने की जरूरत नहीं है लेकिन परिणाम के लिए इन खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत होगी।
विराट कोहली, रैना, रोहित शर्मा, रवींद्र जडेजा, प्रज्ञान ओझा, अशोक ढिंढा और आर. अश्विन के जिंबाब्वे पहुंचने के बाद टीम और भी मजबूत हो गई है लेकिन बांग्लादेश की टीम को छोड़ दिया जाए तो श्रीलंका और पाकिस्तान के कद तथा खुद के हालिया प्रदर्शन के लिहाज से चार देशों की इस प्रतियोगिता में भारत की राह आसान नहीं होगी।
वैसे भी एशिया कप में भारत का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। उसने अपना आखिरी खिताब 1995 में जीता था। पिछले 15 वर्षों से भारतीय टीम को खिताब की तलाश और अब देखना यह है कि क्या धौनी की कप्तानी में यह टीम दोबारा यह खिताब जीत पाएगी या नहीं?
टीमें इस प्रकार हैं:
भारत : महेंद्र सिंह धौनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, विराट कोहली, सुरेश रैना, रोहित शर्मा, रवींद्र जडेजा, हरभजन सिंह, प्रवीण कुमार, जहीर खान, आशीष नेहरा, प्रज्ञान ओझा, अशोक ढिंढा, आर. अश्विन और सौरव तिवारी।
बांग्लादेश : सकीबुल हसन, मुश्फिकुर रहीम, तमीम इकबाल, इमरुल कायेस, जाहुरुल इस्लाम, जुनैद सिद्दीकी, मोहम्मद अशरफुल, महमुदुल्लाह, मशरफे मुर्तजा, नईम इस्लाम, अब्दुर रज्जाक, सैयद रसेल, रुबेल हुसैन, सैफुल इस्लाम और सुहरावादी सुवो।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।