पहली पारी में 402 रन बनाने के बाद तीसरे दिन उप्र की पहली पारी 245 रनों पर समेटने वाली मुंबई की टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में बिना कोई विकेट खोए 130 रन बना लिए।
कप्तान वसीम जाफर 74 और विनायक सामंत 53 रन बनाकर नाबाद लौटे। सामंत ने जहां 111 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए हैं वहीं जाफर अपनी 108 गेंदों की पारी में 12 चौके लगा चुके हैं। दोनों ने 36 ओवर में 3.61 के औसत से रन बटोरे।
इससे पहले, भारतीय टीम के वरिष्ठ तेज गेंदबाज जहीर खान (54/7) की घातक गेंदबाजी की बदौलत मुंबई ने उप्र की पहली पारी 245 रनों पर समेट दी। मैच के दूसरे दिन मंगलवार का खेल खत्म होने तक उप्र ने अपनी पहली पारी में तीन विकेट खोकर 93 रन बनाए थे।
सलामी बल्लेबाज तन्मय श्रीवास्तव (6), सुरेश रैना (0) और कप्तान मोहम्मद कैफ (33) रन बनाकर आउट हुए थे। रैना रन आउट हुए थे जबकि श्रीवास्तव और कैफ को जहीर ने चलता किया था।
तीसरे दिन उप्र को शिवकांत शुक्ला और परमिंदर सिंह से काफी उम्मीदें थीं। तमिलनाडु के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार शतक लगाकर अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाने वाले ये दोनों बल्लेबाज आशा के अनुरूप बल्लेबाजी करते नजर आए लेकिन 146 के कुल योग पर अभिष्ेाक नायर ने सिंह को चलता कर दिया।
सिंह ने 22 रन बनाए। इसके बाद शुक्ला और भुवनेश्वर कुमार (41) ने स्कोर को 214 तक पहुंचाया लेकिन इसी स्कोर पर शुक्ला 99 रन बनाकर दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से जहीर की गेंद पर पगबाधा आउट करार दिए गए।
शुक्ला ने अपनी 266 गेंदों की पारी में 14 चौके जड़े। इसके बाद तो जहीर का जादू कुछ इस कदर चला कि उप्र के पांच बल्लेबाज मात्र 31 रन जोड़कर पेवेलियन लौट गए। रुद्र प्रताप सिंह चार रन बनाकर नाबाद लौटे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।