श्रीनिवासन ने चेन्नई से आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा, "बोर्ड के मामलों को सार्वजनिक करना मोदी की आदत है। वह प्रेस को सूचनाएं लीक कर रहे हैं। मैं उनके सभी आरोपों पर सार्वजनिक रूप से जवाब नहीं दे सकता। कोई भी व्यक्ति मेरी ईमानदारी पर सवाल नहीं खड़ा कर सकता।"
यह पूछे जाने पर कि क्या मोदी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद वह उनके खिलाफ कोई कदम उठाएंगे, इस पर श्रीनिवासन ने कहा, "मैं इस मुद्दे पर मीडिया में चर्चा नहीं कर सकता। हमने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उन्हें खुद को ईमानदार साबित करना है।"
ज्ञात हो कि मोदी ने मंगलवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष शशांक मनोहर और सचिव श्रीनिवासन पर अपने पद का दुरुपयोग करने संबंधी गंभीर आरोप लगाए थे। मोदी ने कहा था कि दोनों पदाधिकारियों ने कई सारे दोषपूर्ण निर्णय लिए थे, जो गैरकानूनी और फर्जी थे।
मोदी ने मनोहर और श्रीनिवासन से कहा था कि वे मोदी को दिए गए कारण बताओ नोटिस के संबंध में होने वाली सभी कार्यवाहियों से खुद को बचाएं। इसके साथ ही मोदी ने इस मामले में एक स्वतंत्र जांच समिति के गठन की मांग की, क्योंकि आईपीएल गवर्निग काउंसिल के सदस्य के नाते दोनों सभी निर्णयों में पक्ष बनते हैं।
श्रीनिवासन ने हालांकि कहा कि वह कार्यवाहियों से बच नहीं सकते।
ज्ञात हो कि आईएएनएस ने 14 मई को खबर दी थी कि मोदी ने अपने ऊपर थोपे गए कारण बताओ नोटिस के जवाब के साथ मनोहर व श्रीनिवासन के खिलाफ एक लंबा आरोप पत्र तैयार कर रखा है।
मोदी ने 10 दिनों तक इंतजार किया कि बीसीसीआई के प्रमुख इस मामले पर गौर करेंगे। लेकिन ऐसा कुछ न होने के बाद उन्होंने दोनों अधिकारियों के खिलाफ अपना 14 पृष्ठों का आरोप पत्र गवर्निग काउंसिल के सभी सदस्यों को भेज दिया।
मोदी ने 14 पृष्ठों वाले अपने पत्र में लिखा है कि किस तरह से मनोहर बीसीसीआई द्वारा मोदी के ऊपर लगाए गए कुछ आरोपों में अकेले संलिप्त थे।
मोदी ने लिखा है कि निविदाओं की प्रारंभिक ओपनिंग को रद्द करने का विवादास्पद निर्णय मनोहर ने ही लिया था और उन्होंने ही नियमों को दरकिनार कर पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर के मामले पर विचार किया था और समय सीमा समाप्त होने के काफी समय बाद कोच्चि फ्रेंचाइजी के लिए निविदा स्वीकार किया था।
मोदी ने श्रीनिवासन पर बोर्ड की बैठकों के मिनट के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही आईपीएल के तीसरे संस्करण के लिए खिलाड़ियों की नीलामी और दक्षिण अफ्रीका में हुए दूसरे आईपीएल में अपनी टीम, चेन्नई सुपर किंग्स को मदद पहुंचाने के लिए अंपायरों की नियुक्ति में धांधली करने तथा बोर्ड सचिव के रूप में पद का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।