इन तीन प्रमुख खिलाड़ियों में लीजा डोबरिस्के, क्रिस्टीन ओहरुगु और स्टार एथलीट फिलिप्स इडोऊ हैं। क्रिस्टीन 400 मीटर की स्पर्धा में ओलम्पिक का स्वर्ण पदत जीत चुकी हैं जबकि फिलिप्स विश्व चैम्पियन हैं। दूसरी ओर लीजा के नाम राष्ट्रमंडल खेलों में 1,500 मीटर की स्पर्धा का स्वर्ण पदक है।
स्थानीय मीडिया की खबरों में कहा गया है कि फिलिप्स का फैसला सुरक्षा कारणो से जुड़ा है जबकि लीजा और क्रिस्टीन ने चोट का हवाला देकर अपने नाम वापस लिए हैं। ये दोनों राष्ट्रमंडल खेलों में निवर्तमान चैम्पियन हैं और ऐसे में इस बार में वे अपना खिताब की रक्षा नहीं कर सकेंगी।
समाचार पत्र 'डेली टेलीग्राफ' के मुताबिक फिलिप्स के प्रतिनिधि रिकी सिम्स ने पहले उनके इन खेलों के शामिल न होने के संकेत दिए थे। अब खुद 31 वर्षीय फिलिप्स ने माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट 'ट्विटर' पर कहा, "मुझे खेद है लेकिन मेरे बच्चे हैं जिनके बारे में मुझे सोचना है। मेरे बच्चों के लिए पदक से ज्यादा मेरी सुरक्षा की जरूरी है।"
अपने एक फॉलोवर के सवाल के जवाब में फिलिप्स ने कहा, "मैं समझता हूं कि मेरे इन खेलों में शिकरत न करने से लोगों को निराशा होगी। मैं भी दुखी हूं। यह प्रतियोगित है जिसमें मैंने अपने करियर का पहला पदक और चार साल पहले पहला स्वर्ण पदक जीता था।"
उधर, लीजा का कहना है कि उनके फैसले की वजह उनका चोटिल होना है। उन्होंने एक महीने पहले ज्यूरिख में चोट लग गई थी। पिछली बार की स्वर्ण पदक विजेता लीजा ने कहा, "मैं अपने खिताब को बचाना चाहती थी परंतु अब ऐसा नहीं हो सकेगा।"
आस्ट्रेलिया की विश्व चैम्पियन एथलीट डेनी सैमुयल्स ने भी राष्ट्रमंडल खेलों से अपना नाम वापस ले लिया है। उन्होंने कहा, "आखिर यह सिर्फ खेल है लेकिन इसके जान को जोखिम नहीं डाला जा सकता।"
गौरतलब है कि नई दिल्ली में तीन अक्टूबर से होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों और सुरक्षा को लेकर इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड जैसे देश खुलकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। दूसरी आयोजन समिति खेलों की तैयारियां पूरी होने और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होने का दावा कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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