IND vs PAK Football: पाकिस्तान फुटबॉल टीम (Pakistan Football Team) SAFF चैंपियनशिप (SAFF Championship) ग्रुप ए मैच में भारत के हाथों 4-0 से हार गई जहां जहां कप्तान सुनील छेत्री ने अपनी बेहतरीन हैट्रिक लगाई।
हालांकि पाकिस्तान की यह हार ऐसी परिस्थितियों में आई है जहां पाकिस्तान की टीम को वीजा मिलने में देरी से लेकर बेंगलुरु में मैच होने से पहले तक काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालात उनके अनुकूल नहीं थे।
पाकिस्तान फुटबॉल टीम के कई खिलाड़ी मैच शुरू होने से 3 घंटे पहले ही टीम के होटल पहुंच पाए थे। यह मैच बेंगलुरु के कांतीरवा स्टेडियम में हुआ था।
पाकिस्तान को बुधवार को शुरू हुए इस टूर्नामेंट से पहले भारत में पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन केवल आधी पाकिस्तान टीम ही बुधवार की सुबह मैच की जगह पर पहुंच पाई और आथी टीम मैच शुरू होने से 6 घंटे पहले ही बेंगलुरु पहुंची थी, जिसमें इंग्लैंड में पैदा हुए अटैकिंग मिडफील्डर ओतिस खान भी शामिल हैं।
मैच के बाद खान ने बताया, 'ये क्रेजी मामला रहा है। हमें रविवार को वीजा देने का वायदा किया था लेकिन सोमवार तक इंतजार करना पड़ा, और फिर मंगलवार को प्लाइट पकड़ी गई। बुधवार की सुबह आधी टीम मुंबई में थी और एयरपोर्ट में काफी उलझन के चलते आगे भी हमारी फ्लाइट मिस हो गई।'
पाकिस्तान फुटबॉलर्स को पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड द्वारा समय पर एनओसी नहीं मिल पाई थी और फिर इंडियन इमिग्रेशन की ओर से वीजा में विलंब ने और देरी कर दी। पाक टीम को बुधवार सुबह 8 बजे तक मुंबई के रास्ते बेंगलुरु आना था, लेकिन छत्रपित शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन में और देरी ने उनका ये प्लान भी फेल कर दिया और ओतिस समेत टीम के बाकी खिलाड़ी मैच शुरू होने से मात्र तीन घंटे पहले टीम होटल पहुंचे।
इस पर ओतिस कहते हैं, 'पता नहीं यह जानबूझकर किया गया या नहीं, लेकिन हमें अगली दो फ्लाइट पकड़नी पड़ी। तो मैं भी नहीं आ पाया और बाकी टीम भी वक्त पर नहीं आ पाई। हम पाकिस्तान फुटबॉल इतिहास में पिछले 10 साल में अपना सबसे बड़ा मैच खेलने शाम 4:00 बजे ही होटल पहुंच पाए, तो हमारे पास तैयारी के लिए केवल 3 घंटे थे। हम सोए नहीं थे, खाना नहीं खाया था, लेकिन हम कोई बहाना नहीं लगाना चाहते, क्योंकि आज बेस्ट टीम जीती है।'
पाकिस्तान का यह मिडफील्डर भारतीय क्राउड को लेकर काफी प्रभावित हुआ जिन्होंने मैच में इतना शोर मचाया कि इंग्लैंड की भीड़ भी उनके सामने फीकी पड़ गई। खान को इंग्लैंड में प्रोफेशनल फुटबॉल खेलने का काफी अनुभव है।
इस पर बात करते हुए ओतिस कहते हैं, 'आप हमेशा ऐसे गेम का हिस्सा बनना चाहते हो जहां भारी संख्या में भीड़ हो। मैंने इंग्लैंड में 30 हजार लोगों की भीड़ के सामने खेला है, लेकिन भारत में उतनी ही भीड़ 60 हजार लोगों के जितना शोर करती है। मैं ऐसे फैंस की सिर्फ इज्जत ही कर सकता हूं जिन्होंने शानदार तरीके से अपनी टीम को सपोर्ट किया'।