गॉल अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में भारतीय टीम को अभिमन्यु मिथुन के रूप में आठवां झटका लगा। वी.वी.एस. लक्ष्मण के सथ आठवें विकेट के लिए मिथुन ने 49 रन जोड़े। उन्होंने लसित मलिंगा के गेंद पर आउट होने से पहले 25 रनों का योगदान दिया। इस बीच भारत पारी की हार टालने में सफल हो गया।
वैसे इस मैच में सबकी निगाहे मुरलीधरन पर भी है जो अपना आखिरी टेस्ट मैच खेल रहे हैं। चौथे दिन युवराज सिंह को अपनी फिरकी में फंसाने वाले मुरली अब 800 के आंकड़े से महज एक विकेट दूर हैं। युवराज का विकेट मुरली के खाते में 798वें शिकार के रूप में जुड़ा था। पांचवें दिन हरभजन सिंह मुरली की गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। हरभजन सिर्फ आठ रन बना सके। पहली पारी में मुरली ने पांच विकेट चटकाए थे। लक्ष्मण 38 और ईशांत शर्मा एक रन बनाकर नाबाद थे।
पहली पारी में बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन के कारण फॉलोऑन खेल रही टीम इंडिया ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक पांच विकेट पर 181 रन बनाए थे। आखिरी दिन भारतीय टीम को कप्तान धौनी और लक्ष्मण से लंबे समय तक मैदान पर डटे रहने की उम्मीद थी। परंतु जल्द ही मलिंगा ने धौनी को क्लीन बोल्ड कर इस उम्मीद पर पानी फेर दिया। धौनी सिर्फ चार रन ही बना सके।
इससे पहले श्रीलंकाई गेंदबाजों ने मुरलीधरन के नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को फॉलोऑन को मजबूर किया था। श्रीलंका की पहली पारी के स्कोर आठ विकेट पर 520 (घोषित) के जवाब में भारतीय टीम पहली पारी में 276 रन ही बना सकी। पहली पारी में मुरलीधरन ने सर्वाधिक पांच विकेट लिए जबकि मलिंगा को दो तथा चमारा वेलेगेदारा तथा रंगना हेराथ को एक-एक सफलता मिली।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।