एरिक ने रविवार को वेलिंग्टन में अंतिम सांस ली। उन्होंने न सिर्फ इन दोनों खेलों में बतौर खिलाड़ी अपनी अलग पहचान बनाई बल्कि संन्यास के बाद भी वह क्रिकेट और रग्बी से जुड़े रहे। वह रग्बी में रैफरी और क्रिकेट में अंपायर भी रहे।
स्थानीय समाचार पत्र 'न्यूजीलैंड हेराल्ड' के अनुसार बतौर रग्बी खिलाड़ी एरिक ने न्यूजीलैंड की ओर से 16 टेस्ट मैच खेले। उनका लगाव रग्बी और क्रिकेट दोनों के लिए बराबर था। उन्होंने वर्ष 1937 और 1947 के बीच न्यूजीलैंड की ओर से पांच टेस्ट मैच खेले। वह कीवी टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज की भूमिका में रहे।
एरिक का जन्म 18 दिसंबर, 1910 को नेल्सन में हुआ था। वह मौजदूा समय में सबसे बुजुर्ग टेस्ट क्रिकेटर थे। न्यूजीलैंड में वह एकमात्र ऐसी खेल शख्सियत थे जिन्हें एकसाथ दो खेलों में स्टार का रुतबा हासिल हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।