दूसरी ओर, ब्रिटेन की मीडिया ने रिपोर्ट दी है कि श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान सटोरियों से संबंध को लेकर आईसीसी की नजरों में हैं। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने हालांकि इस बात से इंकार किया है। एसएलसी ने साफ किया है कि दिलशान नहीं बल्कि दिलहारा फर्नाडो का नाम इस मामले में जुड़ा था लेकिन इस संबंध में हुई जांच में वह पाक-साफ पाए गए थे। इस संबंध में एसएलसी के आधिकारिक बयान का इंतजार है।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने शुक्रवार को 'दागी तिकड़ी' को राहत पहुंचाते हुए स्वदेश वापसी की इजाजत दे दी है। ये खिलाड़ी शुक्रवार को वतन वापसी करेंगे। पुलिस ने कहा कि आरोपी-सलमान बट्ट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमेर को जांच में सहयोग करने के लिए लंदन लौटना होगा। तीनों खिलाड़ी इसके लिए तैयार हो गए हैं।
समाचार पत्र 'डेली मेल' ने एक पुलिस प्रवक्ता के हवाले से कहा, "हम इसकी पुष्टि कर सकते हैं कि तीनों क्रिकेटरों ने शुक्रवार को इंग्लैंड छोड़ने की इच्छा जाहिर की और उनके वकीलों द्वारा हलफनामा दायर किए जाने के बाद उन्हें इसकी इजाजत दे दी गई।"
"हमारी मांग पर इन खिलाड़ियों ने अपने वकीलों के माध्यम से हमें इस बात को लेकर आश्वस्त किया है कि मैच फिक्सिंग मामले में पुलिस को जब भी उनकी जरूरत पड़ेगी, तब वे लंदन लौटेंगे।"
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तरफ से तीनों क्रिकेटरों के वकील ए. गोडार्ड ने एक बयान जारी किया है। वकील ने बयान में कहा है कि स्थानीय पुलिस ने आमेर, आसिफ और बट्ट के पाकिस्तान रवाना होने की अनुमति दे दी है।
बयान में कहा गया है कि तीनों खिलाड़ी अपने परिवार के साथ रहना चाहते हैं और उन्होंने पुलिस को आश्वासन दिया है कि जांच में जरूरत पड़ने पर वे लंदन आएंगे। बयान में आसिफ के इंग्लैंड में शरण मांगने की रिपोर्ट को खारिज किया गया है।
ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द डेली टेलीग्राफ' ने गुरुवार को खबर दी थी कि आसिफ ब्रिटेन में राजनीतिक शरण लेने पर विचार कर रहे हैं।
समाचार पत्र के मुताबिक ऐसे में जबकि आसिफ के खिलाफ स्पॉट फिक्सिंग को लेकर जांच जारी है, वह बीते शुक्रवार को ब्रिटेन के आव्रजन मामले के एक वकील से मिले।
वकील और आसिफ के बीच 35 मिनट तक बातचीत हुई। पत्र लिखता है कि आसिफ को इस बात का डर है कि मैच फिक्सिंग के आरोपों में घिरने के कारण स्वदेश में उन पर सट्टेबाजी जगत के खतरनाक अपराधी गिरोह हमला कर सकते हैं।
उधर, ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द डेली मेल' ने खबर दी है कि आईसीसी ने दिलशान की निगरानी बढ़ा दी है। उन पर सटोरियों से संबंध का अंदेशा है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने हालांकि कहा कि दिलशान नहीं बल्कि फर्नाडो से सटोरियों ने संपर्क किया था और वह इसे लेकर आईसीसी की नजर में हैं। इस संबंध में आईसीसी को जानकारी दे दी गई थी।
डेली मेल के मुताबिक दिलशान ही वह खिलाड़ी हैं, जिन्हें लेकर श्रीलंका ने आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधी इकाई को सूचित किया था। पत्र के मुताबिक दिलशान को पिछले वर्ष लंदन के नाइटक्लब में संदिग्ध सट्टेबाजों के साथ देखा गया था।
श्रीलंका के टीम प्रबंधक और कप्तान कुमार संगकारा ने इस संबंध में एक रिपोर्ट आईसीसी को दी थी। संगकारा और टीम प्रबंधक के मुताबिक 2009 में आयोजित ट्वेंटी-20 विश्व कप के दौरान दिलशान को कुछ संदिग्ध लोगों के साथ देखा गया था।
इस संबंध में संगकारा ने हालांकि आईसीसी की इस बात का खंडन किया है। उन्होंने दिलशान का समर्थन करते हुए कहा कि न तो उन्होंने और न ही टीम प्रबंधक ने इस संबंध में आईसीसी को किसी प्रकार की रिपोर्ट सौंपी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।