पत्रकारों से बातचीत के दौरान हाउमैन ने कहा कि खेलों से पहले हुए जांचों सहित यह संख्या 2,000 से ऊपर जा सकती है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली खेल आयोजन समिति ने इस बाबत 450 से अधिक डोपिंग नियंत्रक अधिकारियों (डीसीओ) को प्रशिक्षत किया है। इसमें चिकित्सक, खेल से जुड़ी दवाओं के विशेषज्ञ, भौतिक चिकित्सक और शारीरिक शिक्षा के शिक्षक शामिल हैं।
दिल्ली में निर्दिष्ट प्रक्रियाओं के पालन को सुनिश्चत करने के लिए वाडा इन कार्यक्रमों पर निगरानी रख रही है।
हाउमैन ने कहा, "डोपिंग के नमूने को आठ साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है। कब तक नमूनों को बचा कर रखना है यह निर्णय प्रशासन को लेना है। हम इसे आठ साल तक सुरक्षित रख सकते हैं।"
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने इससे जुड़े खतरे को रोकने के लिए बेहतर इंतजाम किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।