जोहांसबर्ग। विश्व के सबसे बड़े खेल आयोजन फीफा विश्व कप का पहला मैच जिस समय खेला जा रहा था, उसी समय जोहांसबर्ग के रहीमा मूसा अस्पताल में एक बच्ची पैदा हुई। बच्ची के माता-पिता फुटबॉल के जबरदस्त प्रेमी हैं। खेल के लिए चाहत इतनी कि बच्ची के पिता सेम्युअल ने अपनी बेटी का नाम फीफा रख दिया।
खास बात यह है कि उसके नाम की स्पेलिंग में सभी अंग्रेजी अक्षर कैपिटल रखे गए, जैसे कि फीफा में होते हैं। यही नहीं इसी दिन बसिसवा लेंडिसो ने ब्लोमफेंटेन में जन्में अपने जुड़वां बच्चों का नाम भी फीफा पर आधारित रखे। जुड़वां बच्चों के नाम 'के नाको' रखे गए, जोकि दक्षिण अफ्रीका में फीफा का स्लोगन है।
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यही नहीं एक अन्य दंपत्ति ने अपने बच्चों का नाम उन देशों के नाम पर रखा, जिनके बीच फीफा 2010 का पहला मैच खेला गया था। एक का नाम 'बफाना-बफाना' रखा गया और दूसरे का 'मैक्सिको वेंटर'। बफाना-बफाना दक्षिण अफ्रीका को कहते हैं, जबकि मैक्सिको उस देश का नाम है, जिसके साथ अफ्रीकी टीम ने पहला मैच खेला था।
इन जुड़वां बच्चों के माता-पिता चार्ल और रियाना ने कहा कि उन्होंने ये नाम फुटबॉल के इस ऐतिहासिक आयोजन को जीवन भर यादगार बनाए रखने के लिए दिए। उन्होंने कहा, "हमें दिसंबर में ही पता चल गया था कि बच्चे विश्व कप शुरु होने के दिन के आस-पास होंगे, लिहाजा हमने पहले से ही नाम सोच लिए थे।"
इन बच्चों के नाम की खबर जोहांसबर्ग के एक अखबार में प्रकाशित होने के बाद फीफा के प्रवक्ता डिलिया फिशर ने परिवारों को बधाई दी है।