नई दिल्ली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम चैंपियंस ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के हाथों पेनाल्टी शूटआउट में हार गई। ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत को पेनल्टी शूटआउट में 3-1 से हराकर 15वीं बार खिताब पर कब्जा किया। नीदरलैंड्स के ब्रेडा में खेले गए मुकाबले में फुलटाइम तक दोनों टीमों का स्कोर 1-1 से बराबर रहा। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से ब्लैक गोवर्स ने 21वें मिनट में गोल किया जबकि भारत की तरफ से विवेक प्रसाद ने 42वें मिनट में गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर किया। गौरतलब है कि 2016 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच फैसला पेनल्टी शूटआउट से निकला था। तब ऑस्ट्रेलिया ने भारत को पेनल्टी शूटआउट में 3-1 से मात दी थी।
बता दें कि भारत ने पांच मैचों में दो जीत, दो ड्रॉ और एक हार के साथ आठ अंक लेकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों में तीन जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ 10 अंक लेकर फाइनल में जगह बनाई। हालांकि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबले की शुरुआत बेहद रोमांचक हुई। कंगारू टीम ने तीसरे ही मिनट में गोल करने का मौका बनाया था, लेकिन भारत ने अच्छा डिफेंस दिखाते हुए उन्हें बढ़त लेने से रोक दिया। पांचवें मिनट में भारत के सुरेंदर ने ऑस्ट्रेलिया की डी की तरफ लंबा पास खेला, लेकिन वहां उन्हें किसी का साथ नहीं मिला और यह प्रयास विफल हो गया।
FT| India take their Final clash against the @Kookaburras right down to the wire as a shootout was necessary to decide the winner of the Rabobank Men's Hockey Champions Trophy Breda 2018 on 1st July 2018.#IndiaKaGame #INDvAUS #HCT2018 pic.twitter.com/MneqREPdH9
— Hockey India (@TheHockeyIndia) July 1, 2018
7वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन 'मेन इन ब्लू' इस पर गोल नहीं कर सकी। भारत ने पहले क्वार्टर में गोल करने के कुछ मौके गंवाए। पहले क्वार्टर में स्कोर 0-0 से बराबर रहा। दूसरे हाफ में ऑस्ट्रेलिया ने अपने आक्रमण तेज किए। ब्लैक गोवर्स ने 21वें मिनट में शानदार मूव बनाते हुए गोल करने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने उतना ही अच्छा बचाव करते हुए ऑस्ट्रेलिया को बढ़त लेने से रोक दिया। कुल मिलाकर ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर से पेनाल्टी में भारत पर हावी रही और भारतीय गोलकीपर श्रीजेश गोल का बचाव पेनाल्टी में नहीं कर सके।