श्रीलंका ने छह ओवर की समाप्ति तक बिना कोई विकेट खोए 47 रन बना लिए थे। दिलशान 19 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 25 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि जयसूर्या ने 18 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 21 रन बनाए थे।
इससे पहले, मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, कप्तान महेंद्र सिंह धौनी और युवराज सिंह की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत भारतीय क्रिकेट टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 319 रन बनाए।
तेंदुलकर ने अपने करियर का 44वां शतक लगाते हुए 133 गेंदों पर 10 चौकों और एक छक्के की मदद से 138 रनों की नायाब पारी खेली। तेंदुलकर ने 92 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से अपना शतक पूरा किया। तकरीबन 20 साल से भारतीय क्रिकेट की सेवा में लगे तेंदुलकर ने इस शतक के साथ क्रिकेट जगत में अपना कद और ऊंचा कर लिया है।
एकदिवसीय शतकों के मामले में तेंदुलकर अपने समकालीन और पूर्ववर्तियों से कोसों दूर निकल गए हैं। उनके नाम 44 शतक दर्ज हैं जबकि उनके सबसे करीब दिख रहे श्रीलंकाई बल्लेबाज सनत जयसूर्या ने 28 शतक लगाए हैं।
कुल खेले गए मैचों के मामले में तेंदुलकर के साथ कदम से कदम मिला रहे जयसूर्या 40 साल के हो चुके हैं, लिहाजा उनका करियर महज एक या दो साल का रह गया है। ऐसे में उनके तेंदुलकर के रिकार्ड के करीब पहुंच पाने की संभावना नहीं के बराबर है।
सर्वाधिक शतकों की सूची में तीसरे क्रम पर आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग हैं, जिन्होंने 316 मैचों में अब तक 26 शतक लगाए हैं। उनके और तेंदुलकर के बीच 18 शतकों का अंतर है, जिसे छू पाना उनके लिए शायद असंभव ही होगा।
जहां तक अन्य खिलाड़ियों की बात है तो हर्शेल गिब्स (21), क्रिस गेल (19), जैक्स कालिस (16) फिलहाल इसकी ओर देखने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे होंगे। एकदिवसीय मैचो में सर्वाधिक 91 अर्धशतक लगाने का रिकार्ड भी तेंदुलकर के ही नाम दर्ज है।
सर्वाधिक एकदिवसीय रनों के मामले में भी तेंदुलकर दूसरे खिलाड़ियों से कोसों दूर हैं। उनके खाते में अब तक 428 मैचों में 16895 रन दर्ज हैं जबकि दूसरे स्थान पर काबिज जयसूर्या ने 13307 रन बनाए हैं। पोंटिंग के नाम 11571 रन हैं।
दर्शकों से खचाखच भरे प्रेमदासा स्टेडियम में तेंदुलकर के अलावा धौनी ने 56 रनों की कीमती पारी खेली जबकि पारी की शुरुआत करने आए राहुल द्रविड़ ने 39 रनों का योगदान दिया। द्रविड़ और तेंदुलकर ने पहले विकेट के लिए 95 रन जोड़े जबकि तेंदुलकर ने धौनी के साथ दूसरे विकेट के लिए 110 रनों की साझेदारी निभाई।
युवराज सिंह 41 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के की मदद से 56 रन बनाकर नाबाद लौटे। युवराज ने अपने करियर का 41वां अर्धशतक ठोका। यूसुफ पठान (0) और सुरेश रैना (8) ने निराश किया जबकि विराट कोहली दो रन बनाकर नाबाद लौटे। भारत को 20 रन अतिरिक्त के तौर पर मिले।
भारतीय टीम एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरी। दो मैचों में नाकाम रहे विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक की जगह दिल्ली के बल्लेबाजकोहली को अंतिम-11 में शामिल किया गया। दूसरी ओर, इस श्रृंखला में अब तक अजेय रही मेजबान टीम ने कोई परिवर्तन नहीं किया।
भारत ने इस श्रृंखला में एक मैच जीता है और एक मैच गंवाया है। उसने न्यूजीलैंड को हराया था जबकि श्रीलंका के हाथों उसे हार मिली थी। यह मैच जीतकर भारतीय टीम न सिर्फ नए सत्र में अपना पहला खिताब जीतना चाहेगी बल्कि उसका लक्ष्य शीर्ष वरीयता प्राप्त एकदिवसीय टीम की खोई कुर्सी फिर से हासिल करना भी होगा।
शनिवार को इसी मैदान पर खेले गए दूसरे लीग मैच में श्रीलंका से मिली शर्मनाक हार के कारण भारतीय टीम को नंबर-1 एकदिवसीय टीम की कुर्सी से हाथ धोना पड़ा था। यह मुकाम उसने शुक्रवार को न्यूजीलैंड को हराकर हासिल किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।