भारत में हॉकी की प्रशासनिक संस्था हॉकी इंडिया के अध्यक्ष एके मट्टू ने आज पुणे में खिलाड़ियों से बातचीत के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "खिलाड़ियों के नहीं आने की स्थिति में अभ्यास शिविर कुछ दिन के लिए बंद कर दिया जाएगा और नए संभावित खिलाड़ियों की सूची जारी की जाएगी."
मट्टू का कहना था कि नए खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करके विश्व कप के लिए तैयार किया जा सकता है. उनके अनुसार खिलाड़ियों ने दिखा दिया है कि उनके लिए प्राथमिकता पैसा है न कि देश के लिए खेलना. मट्टू के अनुसार हॉकी इंडिया का गठन ही मई 2009 में हुआ है जिसके बाद से उन लोगों के पास इतना समय और पैसा नहीं रहा है कि वे खिलाड़ियों की माँगें पूरी कर सकें.
उनका कहना था, "हमने खिलाड़ियों से कहा था कि हमें समय दीजिए और हम उनकी माँगों पर बात करेंगे." हॉकी इंडिया के अध्यक्ष के अनुसार संगठन के पास इतना पैसा नहीं है कि वो खिलाड़ियों की माँगें तुरंत पूरी कर सकें क्योंकि पुरुष खिलाड़ियों की माँगें मानने का मतलब होगा उसी अनुरूप महिला खिलाड़ियों और जूनियर खिलाड़ियों को भी पैसा देना होगा.
उनका कहना था कि हॉकी खिलाड़ी प्रति खिलाड़ी साढ़े चार लाख रुपए माँग रहे हैं और हॉकी इंडिया के पास इतना पैसा नहीं है.इस मौक़े पर अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के उपाध्यक्ष अंतोनियो वॉन ओंदार्ज़ा भी मौजूद थे और उन्होंने भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने हॉकी खिलाड़ियों का ऐसा व्यवहार कहीं नहीं देखा.