रियो डी जेनेरियो। भारतीय हॉकी पुरुष टीम ने अर्जेंटीना को मात दे दी है। भारत ने अपने विरोधी को 2-1 से हराकर क्वॉर्टरफाइनल में जगह पुख़्ता कर ली। इसी के साथ भारतीय हॉकी पुरुष टीम के ओलंपिक क्वॉर्टरफाइनल में पहुंचने का इतिहास 36 साल बाद फिर रचा गया है। हॉकी से भारत को पदक मिलने की उम्मीदों को इस जीत के साथ ही पंख लग गए हैं। सोमवार को जर्मनी के हाथों अंतिम तीन सेकंड में मैच गंवाने वाली भारतीय टीम पर इस मैच को जीतने का बहुत प्रेशर था। Rio olympics Rowing : नौकायन के पुरुष स्कल्स क्वॉर्टरफाइनल में दत्तू बब्बन भोकनल रहे चौथे स्थान पर
#FLASH #Rio2016 India beat Argentina 2-1 in Men's Hockey
— ANI (@ANI_news) August 9, 2016
पहले, दूसरे व तीसरे क्वॉर्टर तक भारत 2-0 से आगे चल रहा था। लेकिन चौथे क्वॉर्टर के शुरुआती मिनटों में ही किस्मत पलटी और अर्जेंटीना की ओर से एक गोल दाग दिया गया। इसके बाद स्कोर 2-1 हो गया। इस रोमांचक मैच में भारत को आखिरी क्वॉर्टर में अन्य गोल न होने देने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। रियो ओलंपिक 2016 : आज यानी 9 अगस्त 2016 को भारतीय एथलीटों के मुकाबलों, समय से जुड़ी पूरी जानकारी
आपको बता दें कि भारतीय हॉकी टीम ने अर्जेंटीना को 7 साल बाद हराया है। फिलहाल पूल बी में दूसरे स्थान पर काबिज भारतीय टीम के अलावा इस पूल से 3 अन्य टीमें क्वॉर्टरफाइनल के लिए क्वॉलीफाई करेंगी। भारत की तरफ से चिंगलेनसाना सिंह और कोठाजीत सिंह ने गोल किए तो वहीं से अर्जेंटीना की तरफ से अंतिम पलों में गोन्ज़ालो पीलट ने गोल किया।इस जीत के साथ भारत का अंतिम 8 का टिकट लगभग तय हो गया है।
भारत के ग्रुप में दो बार की ओलंपिक चैंपियन जर्मनी पहले स्थान पर है। आयरलैंड को 8 पेनल्टी कॉर्नर देने वाली भारतीय हॉकी टीम ने इस मुकाबले में भी अर्जेंटीना को 5 पेनल्टी कॉर्नर के मौके दिए। इस मैच में कोठजीत सिंह ने भारत की तरफ से 2016 रियो ओलंपिक में पहला फील्ड गोल किया।
इससे पहले तक किए गए सभी गोल भारत को पेनल्टी कॉर्नर से ही मिले हैं। हालांकि, मैच के आखिरी पलों में विरोधियों ने बेहतरीन खेल दिखाया और महज़ 7 मिनट के अंतराल पर 2 बार पेनल्टी कॉर्नर का मौका पाया। हालांकि, दोनों बार ही गोल नहीं हुआ। इसके बाद भारतीय टीम ने जर्मनी के खिलाफ हुए मुकाबले से सबक लेते हुए मैच खत्म होने तक अपने डिफेंस को कमजोर नहीं पड़ने दिया।