ज्यूरिख, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी और समस्याओं के बावजूद विश्व फुटबॉल को संचालित करने वाली संस्था फीफा ने कहा है कि भारत के व्यापक टेलीविजन बाजार को देखते हुए वह इस दक्षिण एशियाई देश में फुटबॉल को विकसित करने की पूरी कोशिश कर रही है।
फीफा के महासचिव जेरोम वाल्के ने आईएएनएस से एक साक्षात्कार में कहा, "यह सही है कि भारत में कुछ समस्याएं हैं। यह इसलिए कि अखिल भारतीय फुटबॉल परिसंघ (एआईएफएफ)के अध्यक्ष प्रियरंजन दास मुंशी काफी समय से सघन चिकित्सा कक्ष में हैं।"
फीफा के अध्यक्ष जोसेफ ब्लाटर ने वर्ष 2007 में भारत दौरे के दौरान 'विन इन इंडिया विद इंडिया' परियोजना को लांच किया था, लेकिन इस परियोजना में काफी कम प्रगति हुई है। एआईएफएफ ने परियोजना के लिए नौ बिंदुओं वाला एक प्रस्ताव फीफा को सौंपा था।
वाल्के ने कहा कि भारत में विकास का पहिया धीमी गति से घूम रहा है और इसमें अनुमान से ज्यादा समय लगेगा।
यहां के दौरे पर आए आईएएनएस संवाददाता से वाल्के ने कहा, "लेकिन यह होगा। कभी-कभी आपको सही समय के लिए इंतजार करना पड़ता है। कभी-कभी आप जितना चाहते हैं उतना नहीं हो पाता है, लेकिन मैं आपसे कहूंगा कि यह हमारी वास्तविक प्रतिबद्धता है कि हम निश्चित तौर पर भारत में फुटबॉल को विकसित करेंगे।"
भारत में क्रिकेट के प्रति दीवानगी का जिक्र करते हुए 49 वर्षीय वाल्के ने कहा, "जब हम क्रिकेट में भारत की मजबूती और वहां के मजबूत टेलीविजन बाजार को देखते हैं तो हम महसूस करते हैं कि हमें निश्चित तौर पर दुनिया के दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या वाले देश को फुटबॉल की सूची में शीर्ष पर लाने के लिए काम करना चाहिए और हम ऐसा कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "लेकिन सच्चाई है कि यह आसान नहीं है। ग्लास को भरने के लिए एक बूंद काफी नहीं होती, यह बात भारत जैसे बड़े देश पर पूरी तरह लागू होती है। लेकिन हम अपनी कोशिश जारी रखेंगे।"
उन्होंने कहा कि एआईएफएफ के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने हाल ही में फीफा के अध्यक्ष जोसेफ ब्लाटर से मुलाकात की थी और 'विन इन इंडिया विद इंडिया' परियोजना के बारे में चर्चा की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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