नई दिल्ली। खेल जगत में कई ऐसे सितारे हैं जिन्होंने अपने कारनामे से पूरी दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। ऐसे कई खिलाड़ियों के जीवन पर फिल्म जगत ने कई शानदार फिल्में भी बनाई हैं। चाहे वो मिल्खा सिंह हों या फिर धोनी या क्रिकेट जगत के भगवान सचिन। फिल्म बनाने का उद्देश्य खिलाड़ी की संघर्ष गाथा को हर इंसान तक पहुंचाने का होता है। ऐसे में निर्देशक शाद अली की फ़िल्म "सूरमा" साल की सबसे प्रेरणादायक फ़िल्म है। गौरतलब हो कि हॉकी किंवदंती संदीप सिंह पर आधारित बायोपिक "सूरमा" को देखने के लिए हर कोई अपनी नज़रे रिलीज तारीख़ पर गड़ाये हुए हैं।
आसान नहीं था हॉकी पर फिल्म बनानाः भारत मे हॉकी एक ऐसा खेल है जिसकी जानकारी अधिकतर लोगों को नहीं है। ये ही वजह है हॉकी पर आधारित इस बायोपिक को बनाते वक्त शाद अली पर काफ़ी दबाब था क्योंकि वह अपनी बायोपिक के जरिये भारत की जनता के बीच इस पिछड़े हुए खेल की जागरूकता पैदा करना चाहते थे। ऐसे में "सूरमा" के निर्माण में निर्देशक शाद अली को खासा मेहनत करनी पड़ी है। फ़िल्म बनाने के दौरान, शाद अली ने इस बात को सनुचित किया कि फ़िल्म में दिखाई जाने वाली हर चीज़ शतप्रतिशत सही हो। बता दें कि बायोपिक के निर्माण के वक़्त संदीप सिंह की हर हरकत को बारीकी से परखा गया ताकि संदीप के के असली हावभाव को फ़िल्म में दिखाया जा सके। संदीप अक्सर अपने हाथ मे एक सफेद रंग का बैंड पहना करते थे और ठीक उसी तरह का बैंड फ़िल्म में दिलजीत दोसांझ के हाथ मे नज़र आएगा। मैच के दौरान जब भी संदीप गोल करते या फिर उनकी टीम अच्छा प्रदर्शन करती तो उससे खुश हो कर संदीप अक्सर अपनी दो उंगीली ऊपर उठा कर ख़ुशी ज़ाहिर किया करते थे और इसका हूबहू नमूना फ़िल्म में भी देखने मिलेगा। गौरतलब हो कि हाल ही में रिलीज हुए सूरमा एंथम में संदीप के जाबांज ज़ज़्बे ने फ़िल्म के प्रति दर्शकों का उत्साह बढ़ा दिया है। इस फिल्म में शाद अली द्वारा निर्देशित फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ तापसी पन्नू और अंगद बेदी मुख्य भूमिका में नज़र आएंगे। वहीं "सूरमा" सोनी पिक्चर्स नेटवर्क प्रोडक्शंस, चित्रांगदा सिंह और दीपक सिंह द्वारा निर्मित है। संदीप सिंह के जीवन पर आधारित "सूरमा" 13 जुलाई, 2018 को नज़दीकी सिनेमाघरों में रिलीज होगी।