गुरुवार को अर्थर एश स्टेडियम में खेले गए दूसरे दौर के मुकाबले में विश्व की 74वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी सानिया को विश्व की 10वीं वरीयता प्राप्त इटली की फ्लाविया पेनेता ने 6-0, 6-0 से पराजित किया।
खास बात यह है कि 50 मिनट तक चले इस मुकाबले के दौरान सानिया एक भी गेम नहीं जीत सकीं। वर्ष 2005 में अमेरिकी ओपन के चौथे दौर तक का सफर तय करके भारतीय टेनिस प्रेमियों को चौंकाने वाली सानिया ने निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए 28 बेजां गलतियां कीं।
विश्व वरीयता क्रम के शीर्ष-10 में स्थान बनाने वाली इटली की पहली खिलाड़ी होने का गौरव हासिल करने वाली पेनेता दूसरे दौर में कनाडा की एलेक्जेंड्रा वोजनैक से भिड़ेंगी। वोजनैक ने 17वीं वरीयता प्राप्त फ्रांसीसी खिलाड़ी एमिली मौरेस्मो को 6-4, 6-0 से पराजित किया।
सानिया मिश्रित युगल वर्ग में भी अपनी चुनौती पेश करेंगी। इस वर्ग में उनके जोड़ीदार हैं, कनाडा के डेनियल नेस्टर। पहले दौर में नेस्टर और सानिया की भिड़ंत उजबेकिस्तान की अग्कुल अमानमुद्रारोवा और आस्ट्रेलिया के एश्ले फिशर से होनी है।
महिलाओं के युगल वर्ग के पहले दौर में सानिया और शियावोन की भिड़ंत बेलारूस की एकातेरिना डेहाल्केविच और चेक गणराज्य की रेनाता वोकारोवा से होनी है।
सानिया ने भारत के वरिष्ठ खिलाड़ी महेश भूपति के साथ खेलते हुए इस साल आस्ट्रेलियन ओपन का मिश्रित युगल खिताब जीता था। भूपति अमेरिकी ओपन में अमेरिकी की लेजेल ह्यूबर के साथ चुनौती पेश करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।