इस टूर्नामेंट के माध्यम से तीन टीमें 2010 में चेक गणराज्य में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेने का हक हासिल कर सकेंगी। कोरिया और चीन लगातार विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेते रहे हैं लेकिन चीनी ताइपे को 2006 में हिस्सा लेने का मौका मिला था।
जापान पिछली बार क्वालीफाई नहीं कर सका था लेकिन इस बार वह अपनी पूरी ताकत झोंक देना चाहेगा। दूसरी ओर, भारतीय टीम को पदक पाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा।
घरेलू दर्शकों की हौसला अफजाई काफी हद तक अनुभवी कप्तान गीतू अन्ना जोस के नेतृत्व में खेलने जा रही भारतीय खिलाड़ियों के काम आ सकती है।
इस टूर्नामेंट में मेजबान भारत के अलावा दक्षिण कोरिया, चीनी ताइपे, जापान और चीन समेत 12 टीमें हिस्सा लेंगी। इस टूर्नामेंट के माध्यम से तीन टीमें 2010 में चेक गणराज्य में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेने का हक हासिल कर सकेंगी।
भारतीय टीम ने दो साल पहले दक्षिण कोरिया में आयोजित चैंपियनशिप के पहले चरण की बाधा पार करते हुए दूसरे चरण में खेलने की योग्यता हासिल की थी। यह सफलता उसे इस बार कामयाबी दिला सकती है।
भारतीय टीम गुरुवार को दक्षिण कोरिया के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेगी। उसके बाद उसे चीनी ताइपे (शुक्रवार), चीन (शनिवार), थाईलैंड (सोमवार) और जापान से मंगलवार को भिड़ना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।