नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। लगातार दो मैचों में शिकस्त झेलने के बाद भारतीय हॉकी टीम विश्व कप के पूल-बी में शनिवार को इंग्लैंड के साथ दो-दो हाथ करेगी। भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए आगे के दोनों मैच जीतने होंगे। इस लिहाज से इंग्लैंड के खिलाफ भारत का काफी कुछ दांव पर होगा।
इंग्लैंड ने पूल-बी में पहला स्थान हथिया रखा है। उसने अपने तीनों पूल मैच जीते हैं। इस टीम को हराना भारत के लिए टेढ़ी खीर होगी क्योंकि यूरोपीयन चैम्पियन इंग्लैंड की टीम आस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका को हराकर इस स्थिति में पहुंची है।
दूसरी ओर, तीन अंकों के साथ भारतीय टीम तालिका में चौथे स्थान पर है। उससे ऊपर इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और स्पेन की टीमें हैं। स्पेन और आस्ट्रेलिया ने भारत को 5-2 के अंतर से हराया है जबकि भारत को एकमात्र जीत पाकिस्तान के खिलाफ मिली है।
भारत के लिए यह मैच कई मायने में खास होगा। इस मैच को जीतकर भारत की टीम न सिर्फ विश्व कप में बने रहने के अपने अभियान को अमली जामा पहनाएगी बल्कि वह बीजिंग ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाने की खुन्नस को भी उतार लेगी। इंग्लैंड ने ही उसे बीजिंग ओलंपिक में जाने से रोका था।
इस मैच को लेकर भारतीय कप्तान राजपाल सिंह ने कहा, "हम इंग्लैंड के हाथों ओलंपिक क्वालीफाईंग टूर्नामेंट में हारे थे। इसके बाद हमने इंग्लैंड को यूरोपीय दौरे में हराया था और यही कारण है कि हम इंग्लैंड के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त हैं।"
उधर, इंग्लैंड के कप्तान बैरी मिडिलटन ने कहा कि उनकी टीम इस मैच को भी उतनी ही गंभीरता से ले रही है, जिस गंभीरता से उसने अब तक खेले गए मैचों को लिया है। कप्तान ने कहा कि उनकी टीम भारत को हराने का भरपूर प्रयास करेगी।
बकौल मिडिलटन, "एक टीम के तौर पर हम मैच दर मैच सुधार कर रहे हैं। भारत की टीम विकास की प्रक्रिया में है। हम इसे हल्के में लेने की भूल नहीं कर सकते।"
इंग्लैंड की टीम को जहां पेनाल्टी कार्नर विशेषज्ञ रिचर्ड मैनटेल की कमी खलेगी वहीं भारतीय टीम में शिवेंद्र सिंह की वापसी होगी। शिवेंद्र पर पाकिस्तान के साथ खेले गए मैच के दौरान दो मैचों का प्रतिबंध लगाया गया था।
शिवेंद्र की वापसी से भारतीय आक्रमण पंक्ति को मजबूती मिलेगी। उनकी गैरमौजूदगी में आस्ट्रेलिया और स्पेन के खिलाफ टीम का दायां पलड़ा कमजोर पड़ गया था।
मैनटेल को गुरुवार को पाकिस्तान के साथ खेले गए मैच के दौरान टखने में गंभीर चोट लगी थी। वह इस चोट के कारण विश्व कप से बाहर हो चुके हैं। इंग्लैंड की टीम ने अब तक जिस स्तर का प्रदर्शन किया है, उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि उसे मैनटेल की कमी बहुत अधिक नहीं खलेगी क्योंकि उसके बाकी के खिलाड़ी भी काफी अच्छी लय में हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।