मुबई। भारतीय टीम के ऐलान के साथ ही सवाल उठने लगे हैं कि क्या इस टीम में विश्वकप को बचाने का माद्दा है। जिस तरह से तकरीबन क्रिकेट की एक पीढ़ी को इस टीम से विदा कर दिया गया है उससे ये सवाल उठने लाजमी भी है। 2011 की विश्व कप विजेता टीम पर नजर डालें तो इस साल की विश्व कप टीम कहीं कमतर नजर आती है।
जिन खिलाड़ियों के दम पर भारत ने 2011 का विश्व कप जीता था उसमें से 11 खिलाड़ियों को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। हालांकि सचिन ने क्रिकेट से सन्यास ले लिया है लेकिन बाकी 10 खिलाड़ी जिन्होंने सन्यास नहीं लिया उनके टीम से बाहर होने पर क्रिकेट के प्रशंसकों को निराशा हो रही है।
2011 विश्व कप भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश में खेला गया था जिसका फायदा टीम इंडिया को काफी मिला था। लेकिन इस टीम में किसी भी टीम को हराने का माद्दा नजर आता है। 2015 की विश्व कप की टीम में कई युवा खिलाड़ियों ने जगह बनायी है। लेकिन जब हम पिछली विश्व कप की टीम पर नजर डालते हैं तो ये खिलाड़ी कहीं कमतर नजर आते हैं। बहरहाल धोनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी इस यंग ब्रिगेड के साथ विश्व कप को विदेशी जमीन पर बचाने की।
2011 की विश्व विजेता टीम
महेंद्र सिंह धोनी
वीरेंद्र सेहवाग
सचिन तेंदुलकर
गौतम गंभीर
विराट कोहली
युवराज सिंह
सुरेश रैना
युसुफ पठान
हरभजन सिंह
आर अश्विन
पीयूष चावला
प्रवीण कुमार
आशीष नेहरा
जहीर खान
मुनफ पटेल
मौजूदा टीम पर नजर डालें तो इस टीम में अनुभव की जबरदस्त कमीं नजर आती है। इस बार का विश्व कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में खेला जाना है। फरवरी माह में यहां के मौसम को देखते हुए तेज पिचों पर भारतीय बल्लेबाजों की अग्निपरीक्षा होनी है। वहीं इस विश्व कप में तेज गेंदबाजों का बोलबाला रहने की उम्मीद है ऐसे में भारत के पास तेज गेंदबाद के नाम पर इशांत शर्मा और उमेश यादव ही है।
2015 विश्व कप के लिए चयनित टीम इंडिया
महेंद्र सिंह धोनी
विराट कोहली
रोहित शर्मा
अक्षर पटेल
सुरेश रैना
अंबाती रायडू
रविंद्र जडेजा
अजिंक्य रहाणे
आर अश्विन
भुवनेश्वर कुमार
मोहम्मद सामी
उमेश यादव
स्टुअर्ट बिन्नी
ईशांत शर्मा
आर अश्चविन