हमारा ध्यान भटका सकती है सुरक्षा व्यवस्था : फ्लिंटॉफ
ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द टेलीग्राफ' ने फ्लिंटॉफ के हवाले से लिखा है, "हमें पुलिस छावनी जैसे दिखने वाले होटल में रहने की आदत नहीं। हम कभी नहीं चाहते कि हमारे साथ हमेशा कमांडो रहें लेकिन भारत में बिल्कुल यही हालात हैं। मुझे शक है कि इससे हमारा ध्यान खेल से भटक सकता है।"
सोमवार देर रात अबूधाबी से चेन्नई पहुंचने के बाद पत्रकारों से मुखातिब फ्लिंटॉफ ने कहा कि वर्ष 2002 के दौरे में भी उनकी टीम संगीनों के साए में खेली थी लेकिन इस बार हालात बिल्कुल अलग हैं।
फ्लिंटॉफ ने कहा, "हालात बिल्कुल वर्ष 2002 सरीखे हैं लेकिन मेरा मानना है कि जैसे-जैसे वक्त बीतेगा, सब कुछ सामान्य हो जाएगा। मैदान में रहते वक्त इस चीज का अहसास नहीं होना चाहिए क्योंकि वहां खेल का रोमांच हावी रहता है। बाहर आने पर सुरक्षाकर्मियों को देखकर माहौल भारी हो सकता है लेकिन वक्त के साथ इसकी भी आदत पड़ जाएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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