कुश्ती में विदेशी कोच की जरूरत नहीं : सुशील कुमार
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के खेलकूद संघ द्वारा बनाए जाने वाले कुश्ती प्रशिक्षण केन्द्र की आधारशिला रखने के लिए गुरुवार को यहां पहुंचे सुशील ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बीजिंग ओलंपिक में मिली सफलता ने उनका जीवन बदल दिया है। सुशील के मुताबिक उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल और अगले ओलंपिक को आधार बनाकर तैयारी शुरू कर दी है। उनका लक्ष्य अब सिर्फ स्वर्ण पदक जीतना है।
सुशील का मानना है कि पहलवानी के क्षेत्र में अपार संभावनाए हैं। देश में मौजूद अच्छे कोचों की सेवाएं ली जानी चाहिए न कि विदेश से प्रशिक्षकों को बुलाने की जरूरत है। सुशील को लगता है कि अगर मीडिया कुश्ती को ज्यादा तरजीह दे तो नई पीढ़ी का रुझान इस ओर और बढ़ सकता है।
बीजिंग ओलंपिक में पदक जीतने के बाद मध्यप्रदेश शासन की ओर से सुशील को पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी परंतु इनाम की राशि उन्हें अभी तक नहीं मिल पाई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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