राज्य सरकार और झारखंड ओलंपिक संघ (जेओए) ने हालांकि किसी भी परिस्थिति में तय समय पर खेलों के आयोजन की बात कही है लेकिन दूसरी ओर राज्य के खेल संघों का कहना है कि अगर झारखंड की प्रतिष्ठा बचानी है तो आयोजन की तिथि को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया जाए।
झारखंड के वॉलीबाल संघ के सचिव तथा अंतर्राष्ट्रीय वालीबॉल कोच शेखर बोस का कहना है कि जिन कंपनियों को निर्माण संबंधी काम सौंपा गया है वे झारखंड के साथ मजाक कर रही हैं। बकौल बोस, "जिस रफ्तार से काम चल रहा है उसमें स्टेडियम, सड़कें तथा कई अनिवार्य सुविधाएं उपलब्ध करने में कम से कम तीन महीने से ज्यादा समय लग जाएगा"।
जेओए के कोषाध्यक्ष मधुकांत पाठक ने भी स्वीकार किया है कि सभी खेलों के लिए स्टेडियम नियत समय पर नहीं तैयार हो पाएंगे। उन्होंने कहा,"वालीबॉल और बास्केटबॉल के स्टेडियम तो किसी हाल में 15 फरवरी तक नहीं तैयार हो पाएंगे। हालांकि, वालीबॉल के लिए अस्थाई हॉल बनाने की बात चल रही है।"
पाठक ने कहा कि 11 स्टेडियम निर्माणाधीन हैं लेकिन इनमें से एक के भी बाहरी हिस्सों को समय सीमा में नहीं तैयार किया जा सकता। उन्होंने बताया कि दिल्ली के 'वेराइटी डेकोरेटर्स' को इंडोर स्टेडियमों को अंतिम रूप देने का काम सौंपा गया है। कंपनी ने जेओए को 15 दिनों अंदर वातानुकूलित इंडोर स्टेडियम मुहैया कराने का वादा भी किया है।
उधर, तिथि बढ़ाने के बारे में पूछे जाने पर जेओए के महासचिव एस़ एम़ हाशमी ने कहा, "यह अब हमारे हाथ में नहीं है। हम नहीं चाहते कि झारखंड से राष्ट्रीय खेलों का आयोजन छिन जाए। राष्ट्रीय खेलों का आयोजन अब राज्य के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है"। 34वें राष्ट्रीय खेलों में कुल 33 खेलों का आयोजन होना है, जो रांची के अलावा धनबाद और जमशेदपुर में होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।