ब्रिटेन की मीडिया ने पीटरसन के हवाले से लिखा है कि कोच पीटर मूर्स के साथ उनके रिश्ते इतने खराब हो गए थे कि उनका कप्तान बने रहना संभव नहीं था।
ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द टाइम्स' ने पीटरसन के हवाले से लिखा है, "मूर्स के साथ मतभेद के कारण इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) से मेरे रिश्ते अच्छे नहीं रह गए थे। इस लिहाज से मेरा कप्तान बने रहना संभव नहीं था। इस जिम्मेदारी से अलग होने के बाद भी मैं टेस्ट तथा एकदिवसीय टीमों के साथ वेस्टइंडीज दौरे पर जाने के लिए उपलब्ध रहूंगा। इसके अलावा मैं इस वर्ष गर्मियों में होने वाली एशेज श्रंखला में खेलना चाहता हूं।"
पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुई टेस्ट श्रंखला के दौरान माइकल वॉन के कप्तानी पद से इस्तीफा देने से पीटरसन काफी आहत थे। वॉन की विदाई के बाद उन्हें कप्तानी सौंपी गई और उन्होंने अपने नेतृत्व में इंग्लैंड टीम को अंतिम टेस्ट मैच में जीत दिलाई लेकिन भारत के खिलाफ दिसंबर में खेली गई दो मैचों की टेस्ट श्रंखला में उनका जादू नहीं चल सका और टीम 0-1 से हार गई।
भारत से लौटने के बाद पीटरसन दो सप्ताह की छुट्टी पर चले गए। जाते-जाते वे मूर्स से कह गए कि खराब फार्म में होने के बावजूद वे वॉन को वेस्टइंडीज जाने वाली टीम में देखना चाहते हैं।
पीटरसन के अनुरोध के बावजूद वॉन को वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया और तभी से पीटरसन और मूर्स का विवाद जोर पकड़ने लगा। कुछ दिनों के भीतर यह विवाद इतना गहरा गया कि कोच और कप्तान को अपने पद से हटना पड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।