पाकिस्तान के उर्दू समाचार पत्र 'एक्सप्रेस' के मुताबिक पाकिस्तानी खिलाड़ियों का यह डर वाजिब है क्योंकि दोनों देशों की सरकारों के बीच चल रही तनातनी के मद्देनजर इस साल उनके आईपीएल में खेलने की संभावना नहीं के बराबर है।
इसका कारण यह है कि आईपीएल के दूसरे संस्करण में खेलने के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को 29 जनवरी तक आईपीएल आयोजन समिति से संपर्क करना था लेकिन पाकिस्तानी खिलाड़ी समय रहते ऐसा नहीं कर सके हैं।
पिछले साल लगभग 10 खिलाड़ियों ने आईपीएल में हिस्सा लिया था। इन खिलाड़ियों को मेहनताने की राशि का कुछ हिस्सा उसी समय मिल गया था लेकिन बाकी की राशि बकाया है। इसी राशि को लेकर खिलाड़ी आशंकित हैं।
पत्र ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि अगर भारत सरकार अंतिम रूप से पाकिस्तानी खिलाड़ियों के आईपीएल में खेलने पर प्रतिबंध लगा देती है तो ही आईपीएल आयोजन समिति उनके मेहनताने की बकाया राशि का भुगतान कर सकेगी।
इसका कारण यह है कि आईपीएल के साथ खिलाड़ियों ने तीन साल के लिए करार किया है और करार की अवधि पूरी होने के बाद ही उन्हें पूरी राशि का भुगतान किया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।