पाकिस्तान के समाचार पत्र 'द न्यूज' के मुताबिक मियांदाद ने सोमवार को उन लोगों पर जवाबी हमला करते हुए पीसीबी के सामने यह प्रस्ताव रखा, जो उनके इस्तीफे के बाद से ही कहते आ रहे हैं कि उन्होंने वेतन कम होने के कारण महानिदेशक पद छोड़ा है।
बकौल मियांदाद, "जो लोग यह कह रहे हैं कि मैंने पैसे के लिए पीसीबी से इस्तीफा दिया है, वे दूसरों को गुमराह कर रहे हैं। मैं ऐसे सभी लोगों को चुनौती देता हूं कि वह मेरी तरह बिना वेतन के पीसीबी के साथ काम करके दिखाएं। मैं आज से ही मानद आधार पर पीसीबी महानिदेशक का पद संभालने के लिए तैयार हूं।"
मियांदाद ने यह कहते हुए पीसीबी से इस्तीफा दे दिया था कि उन्हें स्वतंत्र तौर पर काम नहीं करने दिया जा रहा है लेकिन मीडिया की खबरों के मुताबिक पीसीबी के कुछ अधिकारियों का मानना है कि मियांदाद अपने वेतन में तीन लाख रुपये की वृद्धि चाहते थे।
जब ऐसा नहीं हो सका तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया। पीसीबी उन्हें पांच लाख रुपये प्रति माह वेतन दे रहा था लेकिन वह आठ लाख रुपये चाहते थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।