ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द टेलीग्राफ' ने फ्लेचर के हवाले से लिखा है, "हार्मिसन ने बेहद निराशानक प्रदर्शन किया है। उन्होंने जेरोम टेलर और डरेन पावेल जैसे पुछल्लों के विकेट लिए हैं। अगर जमैका की मददगार पिच पर उनका यह हाल हुआ तो जरा सोचिए कि अगर एंटिगा की सपाट पिच पर उनका क्या हश्र होगा।"
फ्लेचर ने मैच में 28 और चार रनों की पारी खेलने वाले बेल को भी बाहर का रास्ता दिखाने की वकालत की। बकौल फ्लेचर, "बेल भाग्यशाली हैं कि उन्हें वेस्टइंडीज दौरे पर जाने का मौका मिला। भारत में उनके खराब प्रदर्शन को देखते हुए मैं उनके चयन के खिलाफ था। मेरे लिहाज से ओवेश शाह उनकी जगह फिट हो सकते हैं। मैं तो यहां तक मानता हूं कि बेल का करियर बचाने के लिए उन्हें टीम से निकाला जाना बेहद जरूरी हो गया है।"
फ्लेचर ने कहा कि जमैका में टीम की हार ने साफ कर दिया है कि ड्रेसिंग रूम में जबदस्त गड़बड़ी है और खिलाड़ियों के बीच की एकता खत्म हो चुकी है।
उन्होंने कहा, "क्या हमें पता है कि खिलाड़ी आपस में कितने जुड़े हुए हैं? क्या उनमें एक इकाई के तौर पर खेलने की इच्छा है? जमैका की हार के बाद मुझे ऐसा बिल्कुल नहीं लगता है। कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस और सहायक कोच एंडी फ्लावर को इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना होगा। मैं इस बात को लेकर ज्यादा डरा हुआ हूं कि अगर यही हाल रहा तो इस साल होने वाली एशेज श्रृंखला में आस्ट्रेलियाई टीम हमें बहुत बुरी तरह पराजित करेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।