कप्तानी छोड़ने का ऐलान करने के एक दिन बाद गुरुवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए जयवर्धने ने कहा कि उन्होंने बतौर कप्तान अपने लिए कुछ मानक तय किए थे लेकिन हाल के दिनों में वह उन मानकों के लिहाज से रन नहीं बना पा रहे थे, यही सोचकर उन्होंने कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त होने का फैसला किया।
उन्होंने कहा, "मैं अपनी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पा रहा था। मैं इस संबंध में काफी दिनों से सोच रहा था। बुधवार को मुझे लगा कि मेरे कप्तानी छोड़ने का यह सबसे माकूल वक्त है। यह बताने की जरूरत नहीं कि मैंने यह फैसला श्रीलंका क्रिकेट के हित में उठाया है। मेरी जगह कप्तानी संभालने वाला व्यक्ति निश्चित तौर पर प्रेरक बनकर हमारी टीम को आगे ले जाने का काम करेगा।"
जयवर्धने ने पिछले 17 एकदिवसीय मैचों में सिर्फ एक अर्धशतक लगाया है। खराब फार्म के कारण उनकी कप्तानी में श्रीलंकाई टीम को हाल ही में भारत के साथ खेली गई एकदिवसीय श्रृंखला में 1-4 से करारी हार झेलनी पड़ी थी।
जयवर्धने के फैसले के बाद टीम के मौजूदा उपकप्तान कुमार संगकारा कप्तान पद के सबसे प्रबल उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं। जयवर्धने और संगकारा में बहुत अच्छी दोस्ती है, लिहाजा वह संगकारा को ही नया कप्तान बनाए जाने की वकालत करेंगे।
इस संबंध में जयवर्धने कहा, "मैं समझता हूं कि संगकारा में एक सफल कप्तान के सभी गुण हैं। क्रिकेट के प्रति उनका ज्ञान और टीम के प्रति उनका समर्पण अतुलनीय है। वह एक कुशल उपकप्तान की भूमिका निभाते रहे हैं। उनके फैसले टीम के लिए फायदेमंद रहे हैं, लिहाजा उन्हें यह जिम्मेदारी देने में कोई हर्ज नहीं। उनके नेतृत्व में टीम निश्चित तौर पर विकास करेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।