वेबसाइट 'क्रिकइंफो डॉट कॉम' के मुताबिक खेल के अंतिम दिन 503 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की टीम एक समय हार के कगार पर पहुंच चुकी थी। परंतु एडवर्ड और पावेल ने खेल के अंतिम 36 मिनटों में जबरदस्त सूझ-बूझ और धर्य का परिचय दिया और अपनी टीम को हार की मुंह से निकालने में सफल रहे। पावेल ने कुल 65 गेंदों का सामना किया और 22 रन बनाकर अंत तक मैदान पर डटे रहे। दूसरी ओर एडवर्ड 34 गेंदों का सामना करते हुए पांच रन बनाकर नाबाद रहे।
वेस्ट इंडीज की ओर से दाएं हाथ के धाकड़ बल्लेबाज रामनरेश सरवन ने 106 रनों की पारी खेलते हुए अपनी टीम को हार से बचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्हें मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। वेस्टइंडीज ने खेल के आखिरी दिन नौ विकेट के नुकसान पर 370 रन बनाए। तीसरा टेस्ट ड्रा होने के साथ ही वेस्टइंडीज श्रृलंखा 1-0 की अपनी बढ़त करकरार रखे हुए है।
इससे पहले इंग्लैंड की ओर से जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड और ग्रेम स्वान की तिकड़ी ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी की कमर तोड़कर रख दी। स्वान और ब्रॉड ने तीन-तीन और एंडरसन ने दो कैरेबियाई बल्लेबाजों को पेवेलियन की राह दिखाई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।