17 वर्षीय राशिद ने दिसंबर 2007 में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फाल्डो सीरीज एशिया ट्रॉफी पर कब्जा किया था। राशिद ने महान गोल्फ खिलाड़ी निक फाल्डो की मौजूदगी में अंतिम दौर में 66 का कार्ड खेलकर जीत हासिल की थी।
दिल्ली गोल्फ क्लब में कैडी के तौर पर काम कर चुके राशिद के लिए फाल्डो सीरीज की खिताबी जीत करियर की पूरी तस्वीर बदलने वाली थी।
राशिद कहते हैं, "विदेशी धरती पर वह मेरी पहली जीत थी। भारत में मेरी इस सफलता की खूब चर्चा हुई थी। अचानक ही सब मेरे बारे में जान गए थे। इसके बाद जब मैंने मुंबई में अपना दूसरा खिताब जीता तो मुझे लगा कि मैं सचमुच अच्छा गोल्फ खिलाड़ी बन गया हूं। मेरे लिए यह नहीं भूलने वाला अनुभव है।"
फाल्डो सीरीज जीतने के बाद निक फाल्डो ने राशिद को ब्राजील में इंटरनेशनल फाल्डो सीरीज गोल्फ टूर्नामेंट के फाइनल में खेलने के लिए आमंत्रित किया। राशिद के मुताबिक वह उस टूर्नामेंट में बढ़िया नहीं खेल पाए थे लेकिन अगली बार वह यह मौका अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहते।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।