टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने युवराज सिंह के 50 रनों की बदौलत निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 149 रन बनाए। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम ने ब्रेंडन द्वारा अंतिम गेंद पर लिए गए एक रन की मदद से पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
अंतिम ओवर में न्यूजीलैंड को जीत के लिए 12 रनों की जरूरत थी। गेंद इरफान पठान के हाथ में थी और सामने थे ब्रेंडन के बड़े भाई नेथन मैक्लम। इरफान की गेंद नेथन के पैर से लगी और एक रन लेगबाई के तौर पर मिला।
दूसरी गेंद का सामना ब्रेंडन को करना था। उन्होंने एक रन लेकर स्ट्राइक अपने भाई को थमा दिया। तीसरी गेंद पर नेथन ने भी एक रन लिया और अब स्ट्राइक ब्रेंडन के पास थी। इस बार ब्रेंडन ने कोई चूक नहीं की और पठान की गेंद पर चौका जड़ दिया।
अब न्यूजीलैंड को जीत के लिए पांच रनों की जरूरत थी जबकि उसके पास दो गेंदें शेष थीं। दुनिया भर में मैच देख रहे दर्शक रोमांच से उछल रहे थे। भारत के लिए यह मैच जीतना बहुत जरूरी था क्योंकि वह श्रंखला में पिछड़ रहा था।
ब्रेंडन ने इरफान की पांचवीं गेंद पर चौका लगाते हुए अपनी टीम को 149 रनों तक पहुंचा दिया। दोनों टीमों का स्कोर बराबर हो चुका था। अब न्यूजीलैंड को जीतने के लिए एक गेंद पर एक रन बनाने की जरूरत थी।
इरफान ने गेंद फेंकी और ब्रेंडन ने हवा में उछाल दिया। मिड-ऑफ पर खड़े स्थानापन्न रोहित शर्मा ने इस कैच को लपकने की पूरी कोशिश की लेकिन वह अनियंत्रित होकर गिर पड़े। इस बीच ब्रेंडन और नेथन ने एक रन पूरा कर लिया था। न्यूजीलैंड यह मैच पांच विकेट से जीत चुका था।
न्यूजीलैंड ने दो मैचों की श्रंखला अपने नाम कर ली। क्राइस्टचर्च में बुधवार को खेले गए पहले मुकाबले में उसने भारत को सात विकेट से हराया था। उस मैच में भी मैक्लम ने अंत तक नाबाद रहते हुए 56 रन बनाए थे।
पारी की शुरुआत करने आए मैक्लम ने अपनी 55 गेंदों की नाबाद पारी में आठ चौके और एक छक्का लगाया जबकि रॉस टेलर ने 25 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 27 रन बनाए। इसके अलावा जेस राइडर ने भी 15 गेंदों पर तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 26 रनों का योगदान दिया। मार्क गुपटिल ने भी 10 रन बनाए। नेथन मैक्लम एक रन बनाकर नाबाद लौटे।
इससे पहले, भारतीय बल्लेबाजों से उम्मीद की जा रही थी वे क्राइस्टचर्च की गलतियों से सबक लेंगे लेकिन हुआ इसके उलट। छोटे मैदान पर छक्के उड़ाने और विकेट से दूर जाती गेंदों को छेड़ने के प्रयास में बल्लेबाजों ने टीम की मिट्टी पलीद कर दी। नतीजा हुआ कि महेंद्र सिंह धौनी की टीम मेजबानों के सामने महज 150 रनों का लक्ष्य रख सकी।
भारतीय टीम को हालांकि शुरुआत अच्छी मिली थी। वीरेंद्र सहवाग ने 11 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 24 रन बनाते हुए स्कोर को 3.3 ओवर में ही 29 रन तक पहुंचा दिया था लेकिन इसके बाद गौतम गंभीर (10) तथा सुरेश रैना (0) इस कामयाबी को भुना नहीं सके।
बल्लेबाजों की जल्दबाजी के कारण भारतीय टीम ने 47 रन के कुल योग पर ही अपने तीन विकेट गंवा दिए थे। सहवाग 29 रन के कुल योग पर इयान ओ' ब्रायन की गेंद पर कप्तान डेनियल विटोरी द्वारा लपक गए। भारत का दूसरा विकेट रैना के रूप में गिरा। उन्हें टिम साउथी ने इयान बटलर के हाथों कैच कराया। रैना ने पहले मैच में सर्वाधिक 61 रन बनाए थे।
गंभीर ने भी विकेट पर टिकने का भरपूर प्रयास किया लेकिन बटलर की एक बाहर जाती गेंद पर गच्चा खा गए और विकेट के पीछे ब्रेंडन मैक्लम के हाथों लपके गए। गंभीर ने 13 गेंदों पर एक छक्के की मदद से 10 रन बनाए। इसके बाद युवराज ने तूफानी अंदाज में खेलते हुए स्कोर 94 रन तक पहुंचाया लेकिन बड़े शॉट खेलने के प्रयास में वह भी अपना विकेट गंवा बैठे। युवराज ने 34 गेंदों पर तीन चौकों और चार छक्कों की मदद से 50 रन बनाए।
कप्तान धौनी और इरफान पठान ने टीम के योग को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाने का प्रयास किया लेकिन न्यूजीलैंड की चुस्त फील्डिंग और अनुशासित गेंदबाजी के आगे उनका प्रयास पूरी तरह सफल नहीं हो सका। अंतिम ओवर में जुटाए गए 15 रनों की बदौलत भारत छह विकेट के नुकसान पर 149 रन बनाने में सफल रहा। धौनी 30 गेंदों पर दो चौकों की मदद से नाबाद 28 रन बनाने में सफल रहे जबकि इरफान 10 गेंदों पर एक छक्के की मदद से 15 रन बनाकर नाबाद लौटे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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