भारत की ओर से टिर्की ने 43वें मिनट में पेनाल्टी कार्नर के माध्यम से पहला गोल किया जबकि संदीप ने खेल खत्म होने से तीन मिनट पहले एक और गोल करके अपनी टीम की जीत पक्की कर दी।
भारतीय टीम ने पहला और तीसरा मैच 1-1 से ड्रॉ खेला था जबकि दूसरे मुकाबले में उसने मेजबान टीम को 2-1 से पराजित किया था।
पहले हॉफ में दोनों टीमों ने लचर खेल दिखाया। दूसरे हॉफ में हालांकि न्यूजीलैंड ने तेजी से आक्रमण किए लेकिन वह अपने लिए मौके नहीं बना सका।
दूसरे हॉफ में भारतीय खिलाड़ियों ने बेबाक होकर आक्रमण किए। इसी का नतीजा था कि उन्हें गोल करने के दो मौके मिले।
भारतीय टीम को 19वें मिनट में ही बढ़त मिल गई होती लेकिन मेजबान टीम के गोलकीपर ने संदीप के सटीक ड्रैग-फ्लिक को गोल-लाइन पर रोक दिया।
अगले कुछ मिनटों में शिवेंद्र सिंह को भी गोल करने के मौके मिले, लेकिन वह उन्हें भुना नहीं सके। इसके बाद अर्जुन हलप्पा और तुषार खांडेकर ने भी कीवियों की रक्षापंक्ति पर कई जोरदार हमले किए लेकिन अंत में सफलता कप्तान को ही मिली।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।