रोचक बात यह है कि आईपीएल और लोकसभा चुनाव एक ही वक्त पर होने हैं। आईपीएल का आयोजन 10 अप्रैल से 24 मई तक होना है जबकि चुनाव 16 अप्रैल से 16 मई के बीच होने हैं।
इस बार लोकसभा चुनावों में हिस्सा ले रही राजनीति पार्टियों का मानना है कि चुनाव आईपीएल की तुलना में ज्यादा आकर्षक साबित होगा।
चुनावों में जहां कुल 71.4 करोड़ लोग हिस्सा लेंगे वहीं आईपीएल के दौरान इतने दर्शकों के मैदानों और टीवी सेट के सामने जुटने की संभावना बिल्कुल भी नहीं है।
यह अलग बात है कि आईपीएल के मैच शाम चार बजे से रात आठ बजे तक खेले जाएंगे। ऐसी स्थिति में चुनाव की सरगर्मी से थकी-हारी जनता इसका भी लुत्फ उठा सकेंगे।
नेताओं के मुताबिक आकर्षण के लिहाज से लोकसभा चुनाव आईपीएल को काफी पीछे छोड़ देगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शाहनवाज हुसैन का कहना है कि इस साल आईपीएल का सत्र फ्लाप हो जाएगा क्योंकि किसी लोकतंत्र के लिए चुनाव से ज्यादा अहम कुछ नहीं होता है।
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता जयराम नरेश ने कहा कि उन्हें आईपीएल की बिल्कुल जानकारी नहीं है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के सहायक सचिव सुरावरम सुधारकर रेड्डी ने कहा, "मैं नहीं मानता कि आईपीएल लोगों के दिमाग से चुनाव को निकाल पाएगा। लोग क्रिकेट से ज्यादा आज के ज्वलंत मुद्दों के समाधान के लिए चुनाव में हिस्सा लेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।