मैच का फैसला डकवर्थ-लेविस नियम के आधार पर हुआ। बारिश की वजह से आई बाधा के कारण अधिकतम 38 ओवरों तक सीमित किए गए मैच में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए वीरेंद्र सहवाग (77), महेंद्र सिंह धौनी (नाबाद 84) और सुरेश रैना (66) के अर्धशतकों की बदौलत चार विकेट पर 273 रन बनाए।
मेजबान टीम 28 ओवरों में नौ विकेट पर 162 रन ही बना सकी। 21वें ओवर के खेल के दौरान बारिश के कारण बाधा पड़ने के बाद उसे डकवर्थ-लेविस नियम के आधार पर 28 ओवरों में 216 रन बनाने का संशोधित लक्ष्य मिला था।
बल्लेबाजों ने टीम को अच्छी शुरुआत दी और फिर समय-समय पर तेज और उपयोगी पारियां खेलकर रन बनाने की गति को बरकार रखा। ऐसा करते हुए भारतीय टीम एक सम्मानजनक योग हासिल करने में सफल रही।
इसके बाद गेंदबाजों ने शुरुआत में सफलता हासिल कर काफी हद तक अपना काम आसान कर लिया। तय रणनीति के तहत ब्रेंडन मैक्लम को आउट करना खास उपलब्धि मानी जा सकती है क्योंकि भारतीय टीम को सबसे अधिक खतरा उन्हीं से था।
ट्वेंटी-20 मैचों में अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से भारतीय टीम को निराश करने वाले मैक्लम खाता भी नहीं खोल सके, हालांकि मेजबान टीम के लिए मार्क गुपटिल ने सर्वाधिक 64 रन बनाए जबकि रॉस टेलर ने 31 रनों का योगदान दिया।
कप्तान डेनियल विटोरी 15 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 26 रन बनाकर नाबाद लौटे। गुपटिल ने अपनी 70 गेंदों की पारी में पांच चौके लगाए। उन्होंने 24 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 31 रन बनाने वाले टेलर के साथ तीसरे विकेट के लिए 58 रन जोड़े।
भारत की अनुशासित गेंदबाजी के आगे उसके पांच बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। भारत की ओर से हरभजन सिंह ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए जबकि प्रवीन कुमार ने दो और जहीर खान, युवराज सिंह तथा यूसुफ पठान ने एक-एक विकेट लिया।
भारतीय कप्तान धौनी को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। इस तरह पांच मैचों की श्रृंखला में भारत ने 1-0 की बढ़त बना ली है। श्रृंखला का दूसरा मैच छह फरवरी को वेलिंग्टन के वेस्टपेक स्टेडियम में खेला जाएगा। दौरे की शुरुआत में खेली गई दो मैचों की ट्वेंटी-20 श्रृंखला में न्यूजीलैंड ने भारत को 2-0 से पराजित किया था।
इससे पहले, भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। सलामी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और सहवाग ने सधी शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 69 रन जोड़े। सहवाग ज्यादा आक्रामक होकर खेल रहे थे। तेंदुलकर 20 रन ही बना सके।
इसके बाद अपने बल्लेबाजी क्रम में परिवर्तन के साथ मैदान पर उतरे कप्तान धौनी ने सहवाग के साथ पारी को तेजी से आगे बढ़ाया। धौनी 84 रन बनाकर नाबाद रहे। सहवाग ने 56 गेंदों पर ताबड़तोड़ 77 रनों की पारी खेली। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 52 रन जोड़े।
सहवाग के आउट होने के बाद रैना ने भी कीवियों को जमकर छकाया और बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए मात्र 39 गेंदों पर 66 रन बनाए। रैना ने अपनी पारी के दौरान पांच चौके और चार छक्के जड़े। इसके अलावा यूसुफ पठान ने 10 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 20 रनों का योगदान दिया। भारतीय टीम ने 38 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 273 रन बनाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।