चिदंबरम ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "भारत में क्रिकेट को कोई खतरा नहीं है लेकिन चूंकि लोकसभा चुनावों और आईपीएल का आयोजन एक ही समय पर होना है, आईपीएल कार्यक्रम का पुनर्निधारण किया जाना अनिवार्य हो गया है।"
चिदंबरम ने कहा कि आईपीएल मैचों के दौरान सुरक्षा की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए, जो सरकार की मदद के बगैर संभव नहीं है। एक बार इस टूर्नामेंट का कार्यक्रम पुनर्निधारित हो जाएगा तब सरकार सुरक्षा मुहैया कराने की स्थिति में होगी।
उन्होंने कहा, "मुझे पता होना चाहिए कि हमारे पास आईपीएल मैचों की सुरक्षा में तैनात करने के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल है या नहीं। लोकसभा चुनाव के दौरान इसकी व्यवस्था करा पाना संभव नहीं। मैं आईपीएल आयोजन समिति को आश्वस्त करना चाहता हूं कि कार्यक्रम पुनर्निधारित होने के बाद मैं इन मैचों के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल मुहैया कराऊंगा।"
गृह मंत्री ने हालांकि यह भी कहा कि इसके लिए आईपीएल प्रबंधन को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
बकौल चिदंबरम, "मैं आईपीएल प्रबंधन को दोषी नहीं ठहरा रहा हूं। आईपीएल की तारीखों का निर्धारण बहुत पहले हो गया था लेकिन सोमवार को जैसे ही निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तारीखों की घोषणा की, हमने महसूस किया कि दोनों आयोजनों की तारीखों में काफी समानता है और यही हमारी परेशानी का कारण है।"
चिदंबरम ने कहा कि अगर आईपीएल प्रबंधन पुनर्निधारित कार्यक्रम के साथ सामने आएगा, तो सरकार उसे हरसंभव मदद मुहैया कराएगी।
उल्लेखनीय है कि आईपीएल और लोकसभा चुनाव इस साल अप्रैल-मई में होने हैं। आईपीएल की शुरुआत जहां 11 अप्रैल से होगी वहीं लोकसभा चुनावों के तहत पहले चरण का मतदान 16 अप्रैल को होगा। लोकसभा चुनावों के लिए मतगणना का काम 17 मई को होगा जबकि आईपीएल का फाइनल 24 मई को खेला जाना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।