रंधावा ने अंतिम दिन पांचवें होल पर शीर्ष स्थान हासिल किया था और फिर उन्होंने फाइव-अंडर 65 का कार्ड खेलकर इस खिताब पर अपनी मुहर लगा दी।
खिताबी दौड़ में रंधावा ने अंतिन दौर के चौथे होल तक अपने साथ चल रहे राइ डेविएस को पीछे छोड़ा। रंधावा ने कुल 17 अंडर 263 स्कोर हासिल किया जबकि डेविएस 17 अंडर 265 स्कोर ही हासिल कर सके। रंधावा ने दो शॉट से डेविएस को पीछे छोड़ा।
जीत के बाद रंधावा ने कहा, "मैं बड़े आराम से खेला। पूरे सप्ताह मैंने बहुत मौज-मस्ती की। खेल के दौरान मेरे पट सही लगे। खासतौर पर तीसरे दिन मेरे पट बिल्कुल रणनीति के हिसाब से लगे। मैं इस खिताबी जीत से खुश हूं।"
रंधावा की जीत के पलों का गवाह बनने के लिए उनकी पत्नी टीना और पुत्र जोरावर भी साथ थे। अपनी अभिनेत्री पत्नी के साथ लगभग एक सप्ताह से थाईलैंड में मौज-मस्ती के साथ अभ्यास कर रहे रंधावा ने 2004 के बाद भारत के बाहर पहला खिताब जीता।
इससे पहले उन्होंने विदेशी धरती पर 2004 में वोल्वो मास्टर्स ऑफ एशिया खिताब जीता था। उनके आठ में से एशियाई टूर खिताब भारत में जीते गए हैं।
रंधावा द्वारा अब तक जीते गए खिताबों की सूची :
1998 : हीरो होंडा मास्टर्स
1999 : हीरो होंडा मास्टर्स, भारत
2000 : विल्स इंडियन ओपन, सिंगापुर ओपन
2003 : सनट्रॉय ोपन (जापान गोल्फ टूर)
2004 : वोल्वो मास्टर्स एशिया, मलेशिया
2006 : हीरो होंडा इंडियन ओपन
2007 : हीरो होंडा इंडियन ओपन
2008 : सिंघा थाईलैंड ओपन
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।