लोगर्ट ने हमले में बाल-बाल बचे अंपायरों से इस मुद्दे को लेकर 'तर्कसंगत बयानबाजी' करने को कहा था। उससे पहले, आस्ट्रेलियाई अंपायर साइमन टॉफेल और स्टीव डेविस ने कहा था कि जब हमलावर उन पर गोलियां बरसा रहे थे, तब पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी उनका बचाव करने में पूरी तरह नाकाम रहे थे।
अंपायरों ने कहा था कि उन्हें जानबूझकर गोलियों की बरसात के बीच छोड़ दिया गया था। इसे लेकर लोगर्ट ने कहा था कि अंपायरों को उस घटना को लेकर उत्तेजक बयानबाजी नहीं करनी चाहिए।
लोगर्ट की इस बयानबाजी से नाराज हेयर ने कहा, "जिस व्यक्ति की जान आफत में हो और जो अपने जीवन के सबसे भयंकर अनुभव से गुजर रहा हो, उससे किस हद तक तर्कसंगत रहने को कहा जा सकता है।"
उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि लाहौर हमले के बारे में अंपायरों ने जो कुछ बताया, वह पूरी तरह सच है और आईसीसी को भी इससे इत्तेफाक रखना चाहिए लेकिन लोगर्ट मौत के मुंह से लौटे लोगों से तर्कसंगत बातें करने के लिए कह रहे हैं। इससे हास्यास्पद भला और क्या हो सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।