पिछले मंगलवार को होटल से गद्दाफी स्टेडियम जाते वक्त जब आतंकवादियों ने श्रीलंकाई खिलाड़ियों के काफिले पर हमला किया था, तब टीम के साथ टॉफेल भी गोलीबारी का शिकार हुई बस में मौजूद थे। उस घटना में छह खिलाड़ी जख्मी हुए थे जबकि इतने ही सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।
लोगर्ट के साथ दो घंटे की मुलाकात के दौरान टॉफेल ने घटनाक्रम का विस्तार से ब्यौरा दिया। उन्होंने लोगर्ट को बताया कि आतंकवादियों की गोलियों से बचने के लिए वह किस तरह बस के फर्श पर लेट गए थे।
टॉफेल खासतौर यह बताने के लिए लोगर्ट से मिले कि घटनाक्रम के बाद प्रभावित लोगों ने इस संबंध में जो बयान दिए हैं, उनकी सच्चाई को लेकर किसी तरह का विवाद न खड़ा किया जाए।
उल्लेखनीय है कि लोगर्ट ने टॉफेल सहित हमले में बाल-बाल बचे अंपायरों से इस मुद्दे को लेकर 'तर्कसंगत बयानबाजी' करने को कहा था।
टॉफेल और आस्ट्रेलिया के एक अन्य अंपायर स्टीव डेविस ने कहा था कि जब हमलावर उन पर गोलियां बरसा रहे थे, तब पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी उनका बचाव करने में पूरी तरह नाकाम रहे थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।