इस प्रतियोगिता का आयोजन इस साल 24 सितंबर से पांच अक्टूबर तक होना है। आईसीसी ने इसकी पुष्टि कर दी है।
आईसीसी की कार्यकारिणी बुधवार को आयोजित टेलीकांफ्रेंसिंग के बाद से ही श्रीलंका से सितंबर में होने वाली इस प्रतियोगिता की मेजबानी का अधिकार वापस लेने पर विचार कर रही थी। उसका मानना है कि साल के इस महीने में वहां काफी अधिक बारिश होती है, लिहाजा मैचों का आयोजन ठीक से नहीं हो सकता।
आईसीसी के मुताबिक टेलीकांफ्रेंसिंग के दौरान श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (एसएलसी) प्रतियोगिता के बाधा रहित आयोजन की गारंटी नहीं दे पाया था। इसका कारण यह है कि प्रतियोगिता के आयोजन के वक्त कोलंबो में काफी बरसात होती है।
आईसीसी के अध्यक्ष डेविड मोर्गन ने कहा, "सितंबर में श्रीलंका में चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन कराना खतरे से खाली नहीं था क्योंकि साल के इस वक्त में वहां काफी अधिक बारिश होती है। अगर हम सितंबर में इसका आयोजन नहीं करा पाए तो फिर इस साल इसके लिए समय निकाल पाना नामुमकिन हो जाएगा।"
आईसीसी ने दक्षिण अफ्रीका के दो मैदानों-वांडर्स और सेंचुरियन को मेजबान स्थल के रूप में चुना है। मोर्गन ने कहा, "दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट बोर्ड ने इस प्रतियोगिता के लिए दो विश्वस्तरीय मैदान उपलब्ध कराने का वादा किया है। हमें उम्मीद है कि उसकी मेजबानी में इस प्रतियोगिता का सफल आयोजन होगा।"
चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन पिछले साल सितंबर में पाकिस्तान के लाहौर और कराची शहरों में होना था लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था। बाद में आईसीसी ने इसे श्रीलंका में कराने का फैसला किया लेकिन अब इसकी मेजबानी दक्षिण अफ्रीका को सौंपी जा चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।