नार्थ सिडनी ओवल मैदान पर खेले गए सुपर-सिक्स दौर के दूसरे मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.4 ओवर में 207 रन बनाए।
भारत की ओर से अनुभवी सलामी बल्लेबाज अंजुम चोपड़ा ने 106 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 52 रनों की बेशकीमती पारी खेली जबकि रीमा मल्होत्रा 52 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से तेज 59 रन बनाकर नाबाद लौटीं।
इसके अलावा मिताली राज ने भी 21 रनों का योगदान दिया। न्यूजीलैंड की ओर से सोफी डिवानी और केट पुल्फोर्ड ने दो-दो विकेट हासिल किए।
जवाब में खेलने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने पुल्फोर्ड (71) और सूजी बेट्स (नाबाद 47) तथा एमी मैसन (23) की उम्दा बल्लेबाजी की बदौलत 47.5 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
पुल्फोर्ड ने अपनी 88 गेंदों की पारी में 10 चौके लगाए जबकि बेट्स ने 65 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके जड़े। इसके अलावा कप्तान हैडी टिफिन ने भी 23 रन जोड़े। निकोला ब्राउन 15 रन बनाकर नाबाद लौटीं।
बल्लेबाजी के दौरान 71 रन बनाने के अलावा गेंदबाजी के दौरान दो विकेट हासिल करने वाली पुल्फोर्ड को 'वुमैन ऑफ द मैच' चुना गया।
सुपर-सिक्स के पहले मैच में भारत ने आस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को 10 रनों से हराकर फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें बंधाई थीं लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार ने उसकी उम्मीदों पर लगभग पानी फेर दिया है।
भारतीय टीम को अपना आखिरी सुपर-सिक्स मैच वेस्टइंडीज के साथ 19 मार्च को खेलना है। फाइनल तक का रास्ता तय करने के लिए उसे किसी भी हाल में वेस्टइंडीज पर बड़े अंतर से जीत हासिल करनी होगी।
भारत रन रेट के मामले में न्यूजीलैंड से आगे है, लेकिन इसके बावजूद उसकी उम्मीदें न्यूजीलैंड और पाकिस्तान तथा आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच होने वाले मुकाबलों के परिणाम पर टिकी हैं।
न्यूजीलैंड अगर पाकिस्तान से और आस्ट्रेलिया की टीम इंग्लैंड से हार जाती है तब जाकर भारत के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें फिर से जिंदा हो सकती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।