एफआईए के इस फैसले का हालांकि फार्मूला वन टीम्स एसोसिएशन (फोटा) और फार्मूला वन जगत के सबसे अनुभवी चालक रुबिन्स बारिकेलो ने आलोचना की है।
अब तक सर्वाधिक अंक हासिल करने वाले चालक को फार्मूला वन चैंपियन बनने का गौरव मिलता था लेकिन अब इस चैंपिनयशिप का ताज पहनने के लिए सर्वाधिक जीत का सेहरा बांधना जरूरी हो गया है।
वैश्विक वित्तीय मंदी से इस खेल को उबारने के लिए ऐसा किया जा रहा है। नए नियम के मुताबिक 27 मार्च से 1 नवंबर तक आयोजित होने वाले सत्र के अंत में अगर दो चालक बराबर संख्या में रेस जीतते हैं तो फिर सर्वाधिक अंक हासिल करने वाले चालक को चैंपियन घोषित किया जाएगा।
चालकों को अंक देने की प्रणाली में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। पहला स्थान पाने वाले चालक को 10 अंक मिलेंगे जबकि दूसरे स्थान पर आने वाले चालक के लिए आठ अंक निर्धारित किए हैं। एफआईए ने कहा है कि तीसरे स्थान पर आने वाले चालक को छह अंक मिलेंगे। अंकों का क्रम इस प्रकार चलेगा : 10-8-6-5-4-3-2-1।
फेडरेशन के इस फैसले की आलोचना करते हुए बारिकेलो ने कहा, "मेरी नजर में तो चैंपियन वही है जो पूरे सत्र में अच्छा प्रदर्शन करेगा। इस आधार पर सबसे अधिक अंक हासिल करने वाले चालक को ही चैंपियन घोषित करना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।