भारत को दूसरी पारी में जीत के लिए 39 रन बनाने के जरूरत थी, जिसे उसने बिना कोई विकेट गंवाए हासिल कर लिया। सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर 30 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि राहुल द्रविड़ ने नाबाद आठ रन बनाए।
भारत ने न्यूजीलैंड की दूसरी पारी 279 रनों पर समेट दी थी। न्यूजीलैंड के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्लम ने सर्वाधिक 84 रन बनाए। मेजबान टीम ने पहली पारी में भी 279 रन बनाए थे जबकि भारत ने अपनी पहली पारी में सचिन तेंदुलकर के 160 रनों की बदौलत 520 रन बनाए थे।
महेंद्र सिंह धौनी की टीम तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त हासिल कर चुकी है। दूसरा मैच नेपियर में 26 से 30 मार्च के बीच खेला जाना है।
भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड की धरती पर अपना आखिरी टेस्ट मैच 1976 में जीता था। तीन मैचों की वह श्रृंखला हालांकि 1-1 से बराबर रही थी। उस श्रृंखला में सुनील गावस्कर भारतीय टीम के कप्तान थे।
पहला टेस्ट मैच जीतने के बाद अब भारतीय टीम कीवियों की धरती पर 41 साल बाद टेस्ट श्रृंखला जीतने का प्रयास करेगी। भारत ने कीवियों की धरती पर 1968 में श्रृंखला जीती थी। इसके माध्यम से भारत ने विदेशी धरती पर अपनी पहली टेस्ट श्रृंखला जीती थी।
बहरहाल, मैच के चौथे दिन शनिवार को जब न्यूजीलैंड ने तीसरे दिन के अपने स्कोर तीन विकेट पर 75 रन से आगे खेलना शुरू किया, तब उसे अपने बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की आस थी लेकिन हरभजन की फिरकी के आगे मेजबान टीम ने 199 रनों पर ही अपने आठ विकेट गंवा दिए।
मेजबान टीम के विकेटकीपर मैक्लम ने भारतीय टीम को जीत के लिए काफी इंतजार कराया। एक समय भारतीय टीम पारी की जीत के करीब दिख रही थी लेकिन मैक्लम ने 135 गेंदों पर 84 रनों की शानदार पारी खेलकर भारत के बढ़त को पार करने में अपनी टीम की मदद की। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके लगाए।
इस टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उससे नेपियर में खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच के मद्देनजर उसका पलड़ा भारी रहेगा।
धौनी के धुरंधरों ने खेल के हर विभाग में मेजबान टीम को दोयम साबित किया। गेंदबाजी में जहां जहीर खान, ईशांत शर्मा, मुनाफ पटेल और हरभजन ने अपना कमाल दिखाया वहीं बल्लेबाजी में गंभीर से लेकर दसवें क्रम के बल्लेबाज जहीर तक सभी ने अपनी क्षमता के अनुरूप रन बटोरे।
मेजबान कप्तान डेनियल विटोरी ने मैच के बाद स्वीकार किया कि भारतीय टीम ने उनकी टीम को खेल के हर विभाग में दोयम साबित किया।
मैच के बाद विटोरी ने कहा, "महेंद्र सिंह धौनी की टीम ने हमें खेल के हर विभाग में दोयम साबित किया। भारतीय टीम ने उम्दा प्रदर्शन किया। इसी का नतीजा है कि मैच चार दिन में समाप्त हो गया।"
विटोरी ने कहा कि तीन मैचों की श्रृंखला के दूसरे मैच में वापसी करने के लिए उनकी टीम को अपनी बल्लेबाजी में जबरदस्त सुधार लाना होगा।
कप्तान ने कहा, "नेपियर टेस्ट मैच में वापसी करने के लिए हमें अपनी बल्लेबाजी में जबरदस्त सुधार लाने की जरूरत है। इस तरह के प्रदर्शन की बदौलत हम भारत को हराने के बारे में सोच भी नहीं सकते।"
विटोरी ने कहा कि आमतौर पर जो टीम अपने चुस्त क्षेत्ररक्षण के लिए पहचानी जाती है, उसने बेहद निराशाजक प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, "क्षेत्ररक्षण हमारी पहचान है लेकिन मैच के तीसरे दिन हमने कम से कम पांच कैच छोड़े। सचिन तेंदुलकर का कैच उसी में से एक था, जिसने मैच की तस्वीर बदल दी।"
भारतीय कप्तान धौैनी ने भी अपने गेंदबाजों और बल्लेबाजी में खासतौर पर तेंदुलकर की जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा, "इस मैच में गेंदबाज हमारी ताकत बनकर उभरे। जाहिर तौर पर न्यूजीलैंड की उछाल लेने वाली पिचों पर पेसरों के साथ-साथ स्पिनरों का सफल होना हमारे लिए अच्छा संकेत है। जहां तक तेंदुलकर के प्रदर्शन की बात है तो उन्होंने हमेशा की तरह प्रेरणादायक खेल दिखाया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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