टीम के कोच जान बुकानन ने बुधवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से साफ कर दिया कि 18 अप्रैल से दक्षिण अफ्रीका में शुरू होने जा रहे टूर्नामेंट के दूसरे संस्करण के दौरान उनकी टीम का कोई स्थाई कप्तान नहीं होगा।
बुकानन ने कहा कि उन्होंने यह फैसला पहले संस्करण में कप्तान रहे गांगुली की कप्तानी पर कैंची चलाने के लिए नहीं लिया है बल्कि टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर ऐसा किया जा रहा है।
बुकानन बोले, "मैं साफ कर देना चाहता हूं कि हमें गांगुली फिटनेस या उनके नेतृत्व क्षमता को लेकर किसी प्रकार की शिकायत नहीं है। हमने यह फैसला टीम के हित को ध्यान में रखकर लिया है। गांगुली भी इससे सहमत हैं।"
बुकानन ने कहा कि दूसरे संस्करण के दौरान नाइट राइडर्स टीम में चार या पांच कप्तान होंगे, जो अलग-अलग मैचों में अपनी भूमिका निभाएंगे। गांगुली के साथ-साथ वेस्टइंडीज के क्रिस गेल, न्यूजीलैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्लम और आस्ट्रेलिया के हरफनमौला खिलाड़ी ब्रैड हॉज को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान बुकानन की बगल में बैठे गांगुली ने इस फैसले पर कुछ कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने इतना जरूर कहा कि यह नई सोच है और इसे आजमाकर देखा जाना चाहिए।
गांगुली ने कहा, "बुकानन हम सबसे ज्यादा अनुभवी हैं। उनके पास क्रिकेट टीम को संयोजित करने का अपार अनुभव है। वह हमारी टीम के कोच हैं, लिहाजा इसमें कोई शक नहीं कि उन्होंने जो फैसला किया है वह टीम हित को ध्यान में रखकर किया है। मैं उनके फैसले के साथ हूं।"
इस मामले में टीम के मलिक शाहरुख की चुप्पी कई सवालों को जन्म देती है। आईपीएल के पहले संस्करण के लिए गांगुली को कप्तान नियुक्त करते हुए शाहरुख ने कहा था कि गांगुली उनके सबसे पसंदीदा खिलाड़ी हैं और इस टीम के कप्तान के तौर पर उन्हें फैसले लेने का एकाधिकार होगा।
शाहरुख द्वारा दिया गया तथाकथित एकाधिकार गांगुली के हाथ से एक साल में ही छिन गया। जाहिर तौर पर इसे नफे-नुकसान से जोड़कर देखा जा रहा है।
शाहरुख जानते हैं कि बुकानन की देखरेख में आस्ट्रेलिया ने दो बार विश्व खिताब जीता है, ऐसे में लगता है कि वह अपने और टीम के फायदे के लिए एक साल पहले गांगुली को दिया गया 'तथाकथित एकाधिकार' बुकानन को सौंप चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।