भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड में अपनी आखिरी टेस्ट श्रृंखला 1968 में जीती थी। इसके अलावा भारतीय टीम की निगाह मैक्लीन पार्क में पहला टेस्ट मैच जीतने पर भी होगी। भारत ने इस मैदान पर अब तक सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला है, जो बारिश के कारण बेनतीजा समाप्त हुआ था।
इस मैदान पर न्यूीजीलैंड को भी अब तक जीत नसीब नहीं हुई है। उसने यहां अब तक सात मैच खेले हैं, जिसमें से उसे दो में हार का सामना करना पड़ा है। शेष मैच बेनतीजा रहे हैं। दोनों टीमें 19 साल बाद इस मैदान पर आमने-सामने होंगी। इससे पहले दोनों टीमों के बीच 1990 में टेस्ट मैच खेला गया था, जो ड्रा रहा था। बारिश के कारण यह मैच पूरा नहीं हो सका था।
इस मैदान पर खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में भारतीय टीम के कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन थे जबकि मेजबान टीम के कप्तान जॉन राइट थे, जो भारतीय टीम के कोच भी रह चुके हैं। भारत अगर नेपियर में जीत हासिल करने में सफल रहता है तो यह उसकी 100वीं टेस्ट जीत होगी। भारतीय टीम ने अब तक 428 टेस्ट मैच खेलते हुए 99 बार जीत हासिल की है।
हेमिल्टन में न्यूजीलैंड को बुरी तरह परास्त करने के बाद भारतीय टीम का पलड़ा भारी है। ऐसे में उसे तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल करने में दिक्कत नहीं आनी चाहिए। भारतीय टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने भी अपनी टीम को कीवियों की धरती पर टेस्ट श्रृंखला जीतते नहीं देखा है।
वर्ष 1990 में इस मैदान पर दोनों टीमों के बीच खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में तेंदुलकर मात्र 16 साल के थे। वह 88 रन बनाकर आउट हो गए थे। लंबे समय तक न्यूजीलैंड में यही उनका सर्वोच्च स्कोर रहा था।
मैक्लीन पार्क में मेजबान टीम का रिकार्ड बढ़िया नहीं रहा है, इस लिहाज से भारतीय टीम उस पर भारी पड़ सकती है। धौनी के नेतृत्व में भारतीय टीम ने पिछले कई मौकों पर साबित किया है कि उसमें इतिहास कायम करने का माद्दा है।
पहले टेस्ट मैच में मिली जीत से धौनी के साथियों का मनोबल निश्चित तौर पर सातवें आसमान पर होगा लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि कीवियों को उनकी धरती पर हराना हमेशा आसान नहीं होता। इस लिहाज से भारतीय टीम को सावधान रहने की जरूरत है।
मैच की पूर्व संध्या पर मीडिया से मुखातिब धौनी ने कहा, "हम एक मील का पत्थर छू चुके हैं। अब हमारे सामने एक और मील का पत्थर है। इसे हासिल करने के लिए हमें स्तरीय खेल दिखाना होगा।"
भारतीय कप्तान ने कहा कि वह जानते हैं कि मेजबान टीम इन दिनों कई दिक्कतों से गुजर रही है लेकिन उनकी टीम का ध्यान इस पर नहीं है। बकौल कप्तान, "हमारा ध्यान न्यूजीलैंड की परेशानियों पर नहीं है। हम बस वही देख रहे हैं, जो हमें हासिल करना है।"
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड की टीम बदली हुई रणनीति लेकर भारत का सामना करेगी। हेमिल्टन में मिली हार ने उसकी कई कमजोरियों को उजागर किया है, लिहाजा वह उन्हीं पर ध्यान केंद्रित करना चाहेगी। मैक्लीन पार्क की स्पिन लेती पिच को देखते हुए मेजबान टीम ने दो स्पिनरों के साथ उतरने का फैसला किया है।
खराब फार्म में चल रहे काइल मिल्स के स्थान पर ऑफ स्पिनर जीतन पटेल को खिलाने का फैसला किया गया है। बल्लेबाज डेनियल फ्लिन को लेकर अब भी संदेह बरकरार है लेकिन चोटिल होने के बावजूद उन्हें अंतिम-11 में शामिल किया गया है।
भारतीय टीम को जहां हेमिल्टन में शतक लगाने वाले बल्लेबाज जेस राइडर से सावधान रहने की जरूरत है वहीं मेजबान टीम छह विकेट लेकर अपनी हार पक्की करने वाले स्टार स्पिनर हरभजन सिंह पर नकेल कसने की तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी।
पहले टेस्ट मैच से पूर्व भारतीय टीम तीसरे तेज गेंदबाज की समस्या से जूझ रही थी लेकिन मुनाफ पटेल ने हेमिल्टन में पांच विकेट लेकर टीम प्रबंधन को इस समस्या से उबार लिया है। मुनाफ की सफलता के कारण हालांकि लक्ष्मीपति बालाजी को एक बार फिर मौके के इंतजार में ड्रेसिंग रूम की शोभा बढ़ानी होगी। टीम प्रबंधन ने साफ किया है कि भारतीय टीम बिना किसी परिवर्तन के मैदान में उतरेगी।
उधर, मेजबान टीम के कप्तान डेनियल विटोरी ने कहा कि हेमिल्टन में उनकी टीम टेस्ट मैच की चुनौतियों के अनुरूप ढलने में नाकाम रही थी लेकिन इस बार उसका प्रयास अपने प्रदर्शन में सुधार लाने का होगा।
कप्तान ने कहा, "भारतीय टीम अच्छा खेल रही है। उसे हराना आसान हीं लेकिन इसके बावजूद हम अपना प्रदर्शन सुधार सकते हैं। हमें टेस्ट मैच की चुनौतियों को स्वीकार करना होगा। साथ ही हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा, जिससे कि हम कम से कम अपनी अपेक्षाओं पर खरे उतर सकें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।