चार्ल बैक्टर और राजीव ओवुसेफ जैसे ब्रिटिश खिलाड़ियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में खेलने से इंकार कर दिया था लेकिन इससे इस टूर्नामेंट की रौनक में कोई कमी नहीं आई है।
भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएसए) ब्रिटेन के खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी के बावजूद इस टूर्नामेंट के सफल होने को लेकर आश्वस्त है।
ऐसा माना जा रहा है कि इस महीने की तीन तारीख को पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर लाहौर में श्रीलंकाई खिलाड़ियों पर हुए आतंकवादी हमले के कारण ब्रिटेन के खिलाड़ियों ने दक्षिण एशिया में नहीं खेलने का फैसला किया।
राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा कि टूर्नामेंट अपने शबाब पर है।
बकौल गोपीचंद, "विश्व के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ली चोंग वेई और तौफीक हिदायत जैसे दिग्गज इस बार इंडियन ओपन में खेल रहे हैं। आयोजकों को इससे अधिक भला और क्या चाहिए। इसके अलावा शानदार सुरक्षा व्यवस्था ने इस आयोजन को विश्व स्तरीय बना दिया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।