एआईटीए ने यह कड़ा रुख टीए द्वारा सुरक्षा कारणों से इस साल मई में चेन्नई में खेले जाने वाले एशिया ओसेनिया ग्रुप-1 मैच को भारत से बाहर कराने की मांग के बाद सामने आया है।
एआईटीए के महासचिव अनिल खन्ना ने कहा कि 28 बार का चैंपियन या तो खेले या फिर बिना खेले ही अपनी हार स्वीकार करे।
उल्लेखनीय है कि टीए ने अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ से चेन्नई में खेला जाने वाला मैच कहीं और कराने का अनुरोध किया है। टीए के अनुरोध पर आईटीएफ ने अपने सुरक्षों विशेषज्ञों को चेन्नई भेजने का फैसला किया है।
एशियाई टेनिस महासंघ के अध्यक्ष पद पर कार्यरत खन्ना ने कहा कि आस्ट्रेलिया की गैरजरूरी मांग से भारत की छवि खराब होगी।
उन्होंने कहा, "आस्ट्रेलिया की मांग युक्तिसंगत और जरूरी नहीं है। सुरक्षा का हवाला देकर एशियाई देशों की यात्रा नहीं करना और टूर्नामेंट छोड़ना आस्ट्रेलिया की पुरानी आदत है। हम इसे नहीं मानते। टीए या तो यह मैच खेले या फिर बिना खेले ही अपनी हार स्वीकार करे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।